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ज्ञानेंद्र का लोकतंत्र बहाली का आश्वासन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एफ़्रो-एशियाई देशों के शिखर सम्मेलन में शनिवार को भारतीय प्रधानमंत्री और नेपाल नरेश की मुलाक़ात हुई. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्ष नेपाल में राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत करने पर सहमत थे ताकि नेपाल माओवादी समस्या से निपट सके. अधिकारियों का कहना है कि नेपाल नरेश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जल्द बहाली के लिए वचनबद्ध है. नेपाल के अधिकारियों का कहना था कि नेपाल नरेश ने भारतीय प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को आश्वासन दिया है कि सभी राजनीतिक नेताओं को शीघ्र रिहा कर दिया जाएगा. लेकिन इसकी कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है. लेकिन भारतीय अधिकारियों ने नेपाल को सैन्य आपूर्ति की बहाली पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र दोनों तीन दिन के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जकार्ता में हैं. नेपाल में फ़रवरी में आपातकाल लगने के बाद से दोनों देशों के बीच यह पहली उच्चस्तरीय मुलाक़ात थी. दोनों नेताओं के बीच लगभग 45 मिनट तक बात चली. इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह भी मौजूद थे. बचाव भारतीय अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह को आपातकाल शीघ्र हटा लिए जाने का भरोसा दिलाया था. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नटवर सिंह और ज्ञानेंद्र ने सम्मेलन के औपचारिक कार्यक्रम से अलग आपस में लगभग 45 मिनट बात की. भारतीय मंत्री ने नेपाल में कुछ राजनेताओं की रिहाई और म्युनिसिपल चुनाव करवाए जाने की घोषणा का स्वागत किया. लेकिन उन्होंने नेपाल नरेश से राजनीतिक दलों के साथ सुलह की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया. वैसे सम्मेलन में अपने भाषण में नेपाल नरेश ने देश में लोकतांत्रिक सरकार को बर्ख़ास्त करने के अपने फ़ैसले का बचाव किया और कहा कि उन्हें ऐसा माओवादी विद्रोहियों के नौ साल पुराने हिंसक चरमपंथ के कारण करना पड़ा. उन्होंने कहा,"आतंकवाद और ताक़तवर होते जा रहे आतंकवादियों का सामना करने में राजनीतिक दलों तथा विभिन्न सरकारों की अक्षमता के कारण देश बिल्कुल कोने में सिमटता जा रहा था." नेपाल नरेश ने अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह नेपाल में 'आतंकवाद' का मुक़ाबला करने में जारी उनके संघर्ष को समझें और उसमें सहयोग दें. भरोसा भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को सम्मेलन के दूसरे दिन बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान अब शांति और अच्छे पड़ोसियों बनने की दिशा में कार्य कर रहे हैं. मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत इस बारे में संजीदा है कि सभी मुद्दे आपसी बातचीत के जरिए सुलझा लिए जाएँ. प्रधानमंत्री ने आर्थिक विषयों पर काफ़ी बोले और उन्होंने विकसित देशों से मांग की वे कृषि सब्सिडी को समाप्त करें और कृषि निर्यात पर से प्रतिबंध हटाएँ. |
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