 |  नेपाल में आपातकाल के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं |
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि नेपाल में नरेश ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद से वहाँ तीन हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया है. एमनेस्टी का कहना है कि स्थानीय मानवाधिकार गुटों की जानकारी के आधार पर उसने पिछले दो महीने में हिरासत में लिए गए लोगों का ब्योरा तैयार किया है. जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें राजनीतिक नेता, मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल हैं.  |  बड़ी संख्या में सुरक्षा बल व्यवस्था कायम करने में जुटे हुए हैं |
एमनेस्टी ने नेपाल सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाए हैं जिसके अनुसार फ़रवरी में लागू किए गए आपातकाल के नियमों में रियायत देने की बात कही गई है. इस संगठन का कहना है कि उसे ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि कई कैदियों को उत्पीड़न भी सहना पड़ा है. नेपाल सरकार ने फ़िलहाल इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल दीपक गुरंग ने बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के हनन से साफ़ इनकार किया है. |