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अमरीका ने नेपाल को सावधान किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र और वहाँ के प्रमुख राजनीतिक दलों से कहा है कि वे एकजुट होकर नेपाल के राजनीतिक संकट को ख़त्म करें. नेपाल में अमरीकी राजदूत जेम्स मोरियार्टी ने कहा है कि यदि ये दोनो पक्ष एकजुट न हुए तो माओवादी विद्रोहियों की जीत हो सकती है. बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में अमरीकी राजदूत जेम्स मोरियार्टी ने कहा कि एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए दोषारोपण करने से बचना चाहिए. सशर्त पेशकश उधर नेपाल के समाचार माद्यमों ने नज़रबंद किए गए दो विपक्षी राजनीतिक नेताओं के हवाले से कहा है कि यदि देश में लागू आपातकाल ख़त्म किया जाता है तो वे नरेश ज्ञानेंद से बातचीत करने के लिए तैयार हैं. नेपाल के मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष सुदीप पाठक ने पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल युनिफ़ाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के महासचिव माधव नेपाल के हवाले से बातचीत की पेशकश रखी है. ये दोनो नेता नेपाल में एक फ़रवरी से आपातकाल लागू किए जाने के बाद से अपने ही घरों में नज़रबंद हैं. उधर नेपाली सरकार दो बार अमरीकी राजदूत जेम्स मोरियार्टी का नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलने का अनुरोध टाल चुकी है. अमरीका नेपाल की आर्थिक मदद करने वाले देशों में प्रमुख है और उसने देश में आपातकाल लागू करने के नरेश ज्ञानेंद्र के फ़ैसले की निंदा की थी. अमरीका नेपाल में लोकतंत्र की बहाली पर ज़ोर देता आया है. हाल में अमरीका ने कहा था कि नेपाल नरेश ने आश्वासन दिया है कि नेपाल में बहुदलीय लोकतंत्र वापसी की दिशा में सौ दिनों के भीतर कदम उठाए जाएंगे. इससे पहले अमरीका ने चेतावनी दी थी कि यदि नेपाल नरेश लोकतांत्रिक सरकार को जल्द सत्ता नहीं सौंपते तो अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहायता को निलंबित किया जा सकता है. |
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