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माओवादी अब राजशाही का अंत चाहते हैं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी विद्रोहियों का कहना है कि उनका ध्यान अब देश में राजशाही ख़त्म करने पर केंद्रित है. बीबीसी से बातचीत में उनका कहना था कि इससे पहले उनका ध्यान एसेंबली, अंतरिम सरकार बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन बुलाने पर था लेकिन अब ये माँगे पीछे छूट गई हैं. माओवादियों ने नेपाल में हड़ताल और यातायात बंद करने का आहवान किया हुआ है जिससे जन-जीवन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है. सड़को पर कुछ जगह ही वाहन देखे जा सकते हैं. काँग्रेस का विरोध अभियान उधर नेपाली काँग्रेस ने नेपाल नरेश के सत्ता अपने हाथ में लेने के ख़िलाफ़ 18 फ़रवरी से शांतिपूर्ण नेपाली काँग्रेस कहती आई है कि नेपाल नरेश का सरकार बर्ख़ास्त करने और आपातकाल लागू करने का कदम असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है. इस पार्टी का कहना है कि उसके अभियान का लक्ष्य नेपाल में पूरी तरह से लोकतंत्र कायम करना और जनता के अधिकारों को बहाल करना होगा. इसके दौरान प्रदर्शन, रैलियाँ और नाकेबंदी जैसे कदम उठाए जाएँगे. बताया गया है कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरे देश में गिरफ़्तारियाँ देंगे. पार्टी के अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद कोइराला को उनके निवास पर नज़रबंद रखा गया है. उधर सरकार का कहना है कि राजनीतिक दलों के नेताओं को उनकी सुरक्षा और देश में क़ानून व्यवस्ता कायम रखने के लिए नज़रबंद किया गया है. |
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