| नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री देउबा गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की पुलिस ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को देर रात गिरफ़्तार कर लिया है. ये गिरफ़्तारी उनके ऊपर भ्रष्टाचार के कथित मामलों से जुड़ी है. नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने देउबा को एक फ़रवरी को बर्ख़ास्त करके देश की कमान अपने हाथ में ले ली थी. देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस(लोकतांत्रिक) पार्टी के प्रवक्ता मिनेंद्र रिजाल ने बीबीसी हिंदी को बताया कि देउबा को देर रात दो बजे गिरफ़्तार किया गया. उनके अनुसार 60-70 पुलिसकर्मी एसएसपी के नेतृत्व में आए और रात में ही देउबा को ले गए. रिजाल के अनुसार देउबा की गिरफ़्तारी से पहले उनके घर की बिजली और फ़ोन का संपर्क काट दिया गया. बाद में बिजली बहाल कर दी गई है. प्रवक्ता के अनुसार देउबा को कहाँ रखा गया है इसकी कोई सूचना अभी तक नहीं है. मामले भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच कर रहे शाही आयोग के सामने देउबा को पेश होने के लिए कहा गया था मगर उन्होंने वहाँ जाने से इनकार कर दिया गया था जिसके बाद ये गिरफ़्तारी हुई. प्रवक्ता के अनुसार, “जो लोग नेपाल नरेश के क़दम से असहमत हैं उन्हें कमज़ोर करने के लिए और उन लोगों का चरित्र हनन करने के लिए ये क़दम उठाया गया है.” रिजाल के अनुसार ये राजनीतिक विद्वेष की कार्रवाई है. ये पूछे जाने पर कि देउबा आयोग के सामने पेश क्यों नहीं हुए रिजाल का कहना था कि देश में भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करने के लिए और भी संस्थान हैं जहाँ से अगर देउबा को बुलाया जाता तो वे निश्चित रूप से जाते मगर इस शाही आयोग के सामने जाना उन्होंने उचित नहीं समझा. |
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