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विदेश सचिवों के बीच तीसरे दौर की चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच तीसरे दौर की बातचीत मंगलवार से नई दिल्ली में शुरू हो रही है. बातचीत 'आतंकवाद', नशीली दवाओं की तस्करी, सियाचिन, दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के उपाय और कश्मीर पर केंद्रित होगी. दो दिनों तक चलने वाली बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश सचिव श्याम सरन और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रियाज़ मोहम्मद ख़ान करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि विदेश सचिवों की बैठक में भरोसा बढ़ाने वाले क़दमों की प्रगति पर चर्चा होगी. मुद्दे विदेश मंत्रालय के अनुसार बातचीत में पूंछ-रावलाकोट बस सेवा, श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के बीच ट्रक सेवा, नियंत्रण रेखा पर कुछ जगह मुलाक़ाती केंद्र और नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के लोगों को धार्मिक स्थानों पर जाने की अनुमति जैसे मुद्दों पर भी विचार होगा. बातचीत के साथ-साथ दोनों देशों के विदेश सचिवों पिछले दो दौर की बातचीत की सफलता की समीक्षा भी करेंगे. मुंबई और कराची में वाणिज्य दूतावास खोलने और मुनाबाव-खोखरापार रेल सेवा पर भी बातचीत होने की संभावना है. सोमवार को बातचीत के लिए दिल्ली पहुँचे पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने कहा कि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार होगा. उन्होंने कहा, "हम ये देखेंगे कि हमने कितनी प्रगति की है और ये भी चर्चा करेंगे कि कैसे शांति प्रक्रिया को और आगे बढ़ाया जाए." इस्लामाबाद में पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तनसीम असलम ने कहा कि पाकिस्तान बातचीत में कश्मीर के साथ-साथ शांति और सुरक्षा पर भी विचार करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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