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पाकिस्तान में सहायता राशि की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसी ने पाकिस्तान के भूकंप प्रभावित इलाक़ों में अपना अभियान जारी रखने के लिए और सहायता राशि की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक जेम्स मॉरिस ने कहा कि प्रभावित इलाक़ों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए हेलिकॉप्टर सेवा जारी रखने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि अगर अगले साल अप्रैल तक ये सेवा जारी रखनी है तो उन्हें सात करोड़ डॉलर की आवश्यकता पड़ेगी. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और अन्य इलाक़ों में आठ अक्तूबर को आए भूकंप में 73 हज़ार लोग मारे गए और इतने ही गंभीर रूप से घायल हो गए. इस समय राहत एजेंसियों की प्राथमिकता प्रभावित इलाक़ों में क़रीब 35 लाख लोगों को खाना और आश्रय देना है. चुनौती इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि भूकंप प्रभावित इलाक़ों में लगातार बढ़ रही ठंड पाकिस्तान सरकार और राहत एजेंसियों के लिए चुनौती बनती जा रही है.
इन इलाक़ों में काम करने वाले राहत कर्मचारियों का भी मानना है कि अगर राहत सामग्री की आपूर्ति जारी नहीं रही तो कड़कड़ाती ठंड और भूख के कारण बड़ी संख्या में लोग मारे जा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के निदेशक जेम्स मॉरिस का कहना है कि उनके पास जनवरी तक राहत सामग्री आपूर्ति करने लायक राशि है लेकिन अगर इसे आगे भी जारी रखना है तो सात करोड़ डॉलर की और आवश्यकता पड़ेगी. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था को अपने अभियान के 40 वर्षों के दौरान इतनी बड़ी प्राकृतिक विपदा से नहीं निपटना पड़ा है. मॉरिस ने कहा कि इसका मुख्य कारण है प्रभावित इलाक़ों की भौगोलिक स्थिति और इसकी वजह से राहत सामग्री पहुँचाने में काफ़ी मुश्किल आती है. लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम इस चुनौती से निपटने में क़ामयाब होगा. |
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