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भूकंप प्रभावित इलाक़ों में ईद मनाई गई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों के लोगों ने शुक्रवार को ईद मनाई. बीबीसी संवाददाता के अनुसार पहाड़ी इलाक़ों से उतरकर अनेक लोग नियंत्रण रेखा के नज़दीक उड़ी इलाक़े में जमा हुए जहाँ एक खुले इलाक़े में ईद की नमाज़ अदा की गई. जम्मू कश्मीर में भूकंप के कारण सैकड़ों मस्जिदें नष्ट हो गईं हैं. इधर भूकंप से जो लोग बच गए हैं, उनको नई चिंताएँ सता रही हैं. जम्मू कश्मीर में ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है और वहाँ पहाड़ियों पर मौसम की पहली बर्फ पड़ गई है. हालांकि अधिकांश लोगों तक कुछ न कुछ राहत पहुँच गई है लेकिन वितरण व्यवस्था बहुत सुव्यवस्थित नहीं रही है. अनेक लोगों की शिकायत है कि राहत शहरों और बड़े कस्बों तक तो पहुँची है लेकिन दूरदराज के गाँवों तक इसमें कमी रही है. भारत प्रशासित कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के अपने रिश्तेदारों को लेकर चिंता है. बहुतों को अपने रिश्तेदारों के बारे में कोई सूचना नहीं है कि वे बच पाए कि नहीं. लोगों ने ईद की नमाज़ में उनकी सलामती की दुआ की. ग़ौरतलब है कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा को सात नवंबर को तीन स्थानों पर खोला जाएगा. इस संबंध में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी जिसमें भारत और पाकिस्तान नियंत्रण रेखा को पाँच जगह से खोलने पर सहमत हो गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भूकंप में 17 हज़ार बच्चों की मौत'31 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा सात नवंबर से खुलेगी29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों पर पैसे की कमी की मार28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस सिखों का दल मदद करने पहुँचा 26 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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