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भूकंप प्रभावितों की स्थिति पर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ( यूएनएचसीआर ) के प्रमुख ने कहा है कि दक्षिण एशिया में आए भूकंप में बचे हुए उन लोगों की तुरंत मदद करने की ज़रुरत है जो पहाड़ी इलाक़ों में रहे हैं. यूएनएचसीआर प्रमुख अंटोनियो गुटर्स ने अधिकारियों से कहा है कि वो उन हज़ारों शरणार्थियों के लिए तैयार रहें जो भयंकर ठंड से बचने के लिए मैदानी इलाक़ों में आएँगे. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के दौरे पर गए गुटर्स ने कहा संयुक्त राष्ट्र अपने स्तर पर कोशिशें कर रहा है. पाकिस्तान के पहाड़ी इलाक़ों में कम-से-कम 40 हज़ार ऐसे लोग हैं. पाकिस्तान का कहना है कि भूकंप में कम-से-कम 73000 लोगों की मौत हुई है. तंबू और शिविर पाकिस्तानी अधिकारी पहले से ही ठंड के लिए तैयारियां कर रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि ये तैयारियाँ पर्याप्त हैं. पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुज़फ्फराबाद में संवाददाताओं से बातचीत में गुटर्स ने कहा,"हम कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी परिस्थिति पैदा की जाए ताकि लोग बिना किसी बड़ी मुसीबत के ठंड बिता सकें. " गुटर्स ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि राहत कार्य को और तेज़ किया जाए. गुटर्स ने पाक अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात खान से भी मुलाक़ात की है. गुटर्स ने उत्तर पश्चिमी सीमावर्ती इलाक़ों का भी दौरा किया जहां भूकंप से भयंकर नुकसान हुआ है. मुज़फ्फराबाद में संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख समन्वयक राशिद खालिकोव ने बताया कि वो ठंड के कारण मैदानी इलाक़ों में आने वाले लोगों की ज़रुरतों को पूरा करने की रणनीति बना रहे हैं. उन्होंने कहा," हमें ये नहीं पता कि लोग आएंगे या नहीं लेकिन हम इसके लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं. " वैसे आधिकारिक तौर पर लोगों से पहाड़ी इलाक़ा छोड़ने की अपील की जा रही है ताकि ठंड से उन्हें अधिक परेशानी न हो. लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो अपने टूटे फूटे घरों को छोड़कर नहीं जाना चाहते. | इससे जुड़ी ख़बरें समुद्री उफान: मृतकों की संख्या 23 हज़ार से ज़्यादा27 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना समुद्री उफान से मृतक संख्या 13 हज़ार27 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना इंडोनेशिया में भूंकप से नौ की मौत26 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना भूकंप से उठे समुद्री उफान से तबाही26 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना राहत कार्य में कई मुश्किलें : संयुक्त राष्ट्र28 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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