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भारत ने नेपाल में हुए समझौते को सराहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने नेपाल में लोकतंत्र बहाली के लिए सात विपक्षी दलों और माओवादी विद्रोहियों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है. वहीं नेपाल सरकार ने कहा है कि वह इस समझौते का अध्ययन कर रही है. नेपाल में सात प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को राजा ज्ञानेंद्र के विरोध और देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए माओवादी विद्रोहियों के साथ 12 सूत्री समझौता होने की घोषणा की थी. लेकिन इन पार्टियों ने कहा है कि माओवादियों के साथ मिलकर किसी तरह का आंदोलन तभी शुरू किया जाएगा जब विद्रोही हथियार त्याग देंगे. माओवादी विद्रोहियों के एक प्रमुख नेता प्रचंड ने कहा है कि वे अपने गुट की अंतरराष्ट्रीय निगरानी होने दे सकते हैं लेकिन तभी जब देश में संसदीय चुनाव करवाए जाएँ. नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने इस वर्ष के आरंभ में देश की सरकार को बर्ख़ास्त कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. स्वागत भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल के ताज़ा घटनाक्रम पर संतोष व्यक्त किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में जो हुआ है वह भारत के रूख़ के अनुरूप ही है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा,"भारत सरकार एक तरफ़ राजशाही को राजनीतिक पार्टियों से बात करने और दूसरी तरफ़ माओवादियों से हिंसा का रास्ता त्याग बहुदलीय लोकतंत्र को स्वीकार करने का आग्रह करता रहा है". भारत ने कहा है कि वैसे ये देखने वाली बात होगी कि माओवादी हिंसा से दूर रहने और अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा रहने में कितने प्रतिबद्ध हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल का मित्र होने के नाते भारत को उम्मीद है कि नेपाल में सभी पक्षों के प्रयासों से जल्दी ही शांति, स्थिरता और आर्थिक प्रगति बहाल हो सकेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में राजनेता-विद्रोही एकजुट हुए22 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस माओवादियों से गुपचुप मिले नेपाली नेता18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नेपाल में मीडिया क़ानून का विरोध28 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नेपाल में नगरनिकाय चुनाव की घोषणा09 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नेपाल में भारतीय नेताओं को काले झंडे28 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस शाही सरकार से बात नहीं करेंगे माओवादी04 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नरेश ज्ञानेंद्र की ताज़ा पेशकश30 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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