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नेपाल में नगरनिकाय चुनाव की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में शाही सरकार ने अगले साल आठ फ़रवरी को नगरनिकाय चुनाव करवाने की घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि चुनाव देश भर की सभी 58 चुनाव क्षेत्रों में होंगे. लेकिन विपक्षी दलों ने कहा है कि वो ऐसे चुनाव का बहिष्कार करेंगे जो शाही सरकार द्वारा करवाया गया हो. नेपाल में राजा ज्ञानेंद्र ने फ़रवरी 2005 को देश में इमरजेंसी लगा दी थी और शेर बहादुर देउबा सरकार को बरख़ास्त करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. नेपाल नरेश ने सरकार को यह कहते हुए बर्ख़ास्त कर दिया था कि सरकार माओवादी हिंसा पर नियंत्रण करने में असफल रही है. नेपाल में तीन महीने के लिए इमरजेंसी लगाने की घोषणा की गई थी लेकिन इमरजेंसी की समयसीमा ख़त्म होने से पहले नेपाल नरेश ने इसे हटा लिया था. आपातकाल के विरोध में नेपाल देश भर में हुए विरोध प्रदर्शन हुए थे. |
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