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वोल्कर रिपोर्ट पर फ़ैसला जल्द: सरकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार का कहना है कि इराक़ में 'तेल के बदले अनाज कार्यक्रम' की जाँच करने वाली वोल्कर समिति की रिपोर्ट में विदेश मंत्री नटवर सिंह के नाम लिए जाने को लेकर वह गंभीर है. सरकार का कहना है कि जल्द ही इस बारे में कोई फ़ैसला ले लिया जाएगा. इस मामले के संबंध में ही विदेश मंत्री नटवर सिंह ने प्रधानमंत्री से आज मुलाक़ात की है. इसके पहले नटवर सिंह ने घोषणा की थी कि वो संसद के आगामी सत्र में इस आरोप पर एक बयान देंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर जारी बयान में कहा गया है कि वोल्कर रिपोर्ट से फिलहाल किसी निश्चित नतीजे पर नहीं पहुँचा जा सकता है. महत्वपूर्ण है कि काँग्रेस पार्टी का कहना है कि उसका इस कार्यक्रम और तब की इराक़ सरकार से इस मामले में कोई संबंध नहीं है. क़ानूनी नोटिस काँग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा का कहना था, "हम संयुक्त राष्ट्र को और वोल्कर समिति को क़ानूनी नोटिस भेज रहे हैं. हम ये जानना चाहते हैं कि उन्होंने किस आधार पर नाम लिखा." वे बोले, "इस बारे में हमसे कोई जानकारी नहीं ली गई. यदि कोई आधार नहीं है तो उन्हें इस मामले में उन्हें क्षमा माँगनी चाहिए." पर्यवेक्षक प्रेम शंकर झा का कहना था कि ये आरोप न्यायसंगत नहीं हैं और किसी भी अदालत में इन्हें साबित करना मुश्किल होगा. उनका कहना था कि पहले भी ऐसे आरोप और लोगों पर लगे हैं और कई मामलों में ये साबित हुआ है कि आरोप नकली दस्तावेज़ों के आधार पर लगाए गए थे. भाजपा की माँग भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिख कर इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में लाभ हासिल करने के आरोपों के चलते विदेश मंत्री नटवर सिंह को मंत्रिमंडल से निकालने की माँग की थी. भाजपा ने इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से नटवर सिंह को 'क्लीन चिट' दिए जाने की आलोचना की थी. हालांकि कांग्रेस ने इस कार्यक्रम की जाँच रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने भी इस कार्यक्रम से किसी तरह का लाभ उठाने की बात से साफ़ इनकार किया है. वोल्कर समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से कांग्रेस और विदेश मंत्री नटवर सिंह को आर्थिक लाभ पहुँचा है. विदेश मंत्री नटवर सिंह का कहना है कि यह कांग्रेस और इसके वरिष्ठ नेताओं को बदनाम करने की साज़िश का एक हिस्सा है. कांग्रेस की दलील है कि जिस समय की यह घटना है, उस समय कांग्रेस सत्ता में नहीं थी. इधर भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नक़वी ने कांग्रेस की दलीलों को ठुकरा दिया और नटवर सिंह के इस्तीफ़ा के माँग की है. संयुक्त राष्ट्र ने 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने के लिए वोल्कर समिति का गठन किया जिसमें दो हज़ार से ज़्यादा विदेशी कंपनियों पर सद्दाम हुसैन की सरकार को अवैध भुगतान करने का आरोप लगाया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नटवर के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच नहीं'30 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर सिंह ने आरोपों का खंडन किया29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'दो हज़ार कंपनियों ने सद्दाम को रिश्वत दी'27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'अवैध भुगतान की जानकारी नहीं'27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'जाँच रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र पर उठे सवाल'07 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना अन्नान और आलोचना के लिए तैयार05 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी का इस्तीफ़ा08 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सेवान ने रिश्वत ली थी: जाँच समिति08 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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