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नटवर सिंह ने आरोपों का खंडन किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने वाली समिति की रिपोर्ट के बाद भारत में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने इस कार्यक्रम की जाँच रिपोर्ट को ख़ारिज किया है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इस कार्यक्रम से किसी तरह का लाभ उठाने की बात से साफ़ इनकार किया है. दूसरी ओर भाजपा ने विदेश मंत्री नटवर सिंह के इस्तीफ़ा की माँग की है. ऐसी ख़बरें आईं हैं कि वोल्कर समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से कांग्रेस और विदेश मंत्री नटवर सिंह को आर्थिक लाभ पहुँचा है. आरोप-प्रत्यारोप विदेश मंत्री नटवर सिंह ने फ़्रैकफर्ट से एक बयान जारी कर कहा है कि ये आरोप असत्य और आधारहीन है. उनका कहना है कि वो वापस आने पर इस रिपोर्ट को गहराई से देखेंगे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे. उनका कहना है कि यह कांग्रेस और इसके वरिष्ठ नेताओं को बदनाम करने की साज़िश का एक हिस्सा है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि वो पूरी शाक्ति के साथ इन आरोपों को ख़ारिज करते हैं क्योंकि ये आरोप ग़लत है. कांग्रेस की दलील है कि जिस समय की यह घटना है, उस समय कांग्रेस सत्ता में नहीं थी. उनका कहना था कि पूरी रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद क़ानून के तहत जो संभव होगा वह कार्रवाई की जाएगी. इधर भाजपा प्रवक्ता अरुण जेटली ने कांग्रेस की दलीलों को ख़ारिज कर दिया और कि इससे गंभीर विषय नहीं हो सकता. उन्होंने मांग की तत्काल नटवर सिंह को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. वोल्कर रिपोर्ट आर्थिक प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित इराक़ियों की मानवीय सहायता के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया था. इसके तहत सद्दाम हुसैन शासन को तेल बेचने की छूट थी बशर्ते इस तरह हुई आमदनी मानवीय सहायता कार्यों में लगाया जाए. लेकिन ऐसे आरोप लगे थे कि इस कार्यक्रम के ठेके हासिल करने के लिए कई कंपनियों ने सद्दाम हुसैन को रिश्वत दी थी. संयुक्त राष्ट्र ने 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने के लिए वोल्कर समिति का गठन किया जिसमें दो हज़ार से ज़्यादा विदेशी कंपनियों पर सद्दाम हुसैन की सरकार को अवैध भुगतान करने का आरोप लगाया है. अमरीकी केंद्रीय बैंक के पूर्व प्रमुख पॉल वोल्कर ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि इन कंपनियों ने ठेके हासिल करने के लिए रिश्वत दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दो हज़ार कंपनियों ने सद्दाम को रिश्वत दी'27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'अवैध भुगतान की जानकारी नहीं'27 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 'जाँच रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र पर उठे सवाल'07 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना अन्नान और आलोचना के लिए तैयार05 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी का इस्तीफ़ा08 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना सेवान ने रिश्वत ली थी: जाँच समिति08 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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