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सेवान ने रिश्वत ली थी: जाँच समिति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम की जाँच कर रही संयुक्त राष्ट्र की समिति ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कार्यक्रम के अध्यक्ष बेनन सेवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जाँच में पाया गया है कि बेनन सेवान ने एक कंपनी से एक लाख पचास हज़ार डॉलर लिए थे और फिर उसी कंपनी को इस कार्यक्रम के अंतर्गत इराक़ से तेल ख़रीदने की अनुमति दी गई. जाँच समिति ने सिफ़ारिश की है कि सेवान और एक अन्य संयुक्त राष्ट्र अधिकारी एलेक्सांडर याकोव्लेव के ख़िलाफ़ आपराधिक जाँच होनी चाहिए. इस बीच एलेक्सांडर याकोव्लेव ने एक अमरीकी अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने ठेके देने के सिलसिले में रिश्वत ली थी. ये भी सिफ़ारिश की गई है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को इन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की इजाज़त देनी चाहिए. सेवान ने रविवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया लेकिन वे इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन करते हैं. चालीस साल तक संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करने वाले सेवान ने पत्र में कोफ़ी अन्नान से कहा है, "ये आरोप झूठे हैं और आपने मेरे साथ इतने साल काम किया है तो आप ये जानते हैं. मैं आप पर लाए जा रहे दबावों को समझता हूँ...लेकिन राजनीतिक कारणों के लिए मेरे बलिदान से न तो हमारे आलोचक ख़ुश होंगे और न आपको फ़ायदा होगा और न संगठन को."
इस साल के अंत में वर्ष 1998 से 2003 तक इराक़ में चले इस संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम पर संयुक्त राष्ट्र की विस्तृत रिपोर्ट छापी जाएगी. इस कार्यक्रम के तहत इराक़ पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के कारण उसे खाद्य सामग्री के लिए तेल बेचने की इजाज़त दी गई थी. वर्ष 2003 में सद्दाम हुसैन को सत्ता से बाहर किए जाने के बाद से संयुक्त राष्ट्र के इस कार्यकम के बारे में आरोप लगते रहे हैं. |
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