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गुरुवार, 03 फ़रवरी, 2005 को 07:43 GMT तक के समाचार
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इराक़ में 12 सैनिकों की नृशंस हत्या
सैनिक
चुनाव के बाद चरमपंथी हमले की यह सबसे बड़ी घटना है.
इराक़ के उत्तरी शहर किरकुक में चरमपंथियों ने 12 इराक़ी सैनिकों की हत्या कर दी है.

इराक़ी सेना के प्रवक्ता का कहना है कि सैनिकों को घेर कर बस से उतार लिया गया और इसके बाद सभी को गोली मार दी गई.

ये घटना बुधवार को उस समय हुई जब ये सैनिक किरकुक वापस लौट रहे थे.

इशसे पहले इराक़ के गृह मंत्री फलह अल नक़ीब ने कहा था कि इराक़ी पुलिस को अमरीकी सैनिकों से इराक़ की सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी लेने में 18 महीने का समय लग सकता है.

चुनावी बयानबाज़ी

दूसरी तरफ रविवार को हुए चुनावों को लेकर बयानबाज़ी भी जारी है. अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने चुनाव की सफलता को चरमपंथियों के लिए बड़ा धक्का बताया है.

लेकिन दूसरी तरफ एक बड़े शिया गुट ने चुनावों की वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इस गुट का कहना है कि चुनावों में सुन्नी अरबों ने हिस्सा नहीं लिया था इसलिए ये चुनाव इराक़ के भविष्य का फ़ैसला नहीं कर सकते.

हालांकि अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी और उनकी शिया राजनीतिक पार्टी लगातार कहती रही है कि संविधान के निर्माण में सुन्नी मुसलमानों की बड़ी भूमिका होगी.

संवाद समिति एपी के अनुसार मुख्य शिया राजनीतिक पार्टी के प्रमुख अब्दुल अज़ीज़ अल हकीम ने कहा है निश्चित तौर पर संविधान के निर्माण में सुन्नी मुस्लिमों की बड़ी भूमिका होगी.

अभी तक इराक़ी चुनावों के कोई परिणाम नहीं आए हैं.

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