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अन्नान और आलोचना के लिए तैयार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि उन्हें लगता है कि इराक़ के 'तेल के बदले अनाज कार्यक्रम' पर अंतिम रिपोर्ट में उन्हें और आलोचना का सामना करना पड़ सकता है. इस योजना को लेकर संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के साथ-साथ कोफ़ी अन्नान के बेटे कोजो पर भी आरोप लगे थे. इस बारे में हुई जाँच की अंतिम रिपोर्ट बुधवार को प्रकाशित की जानी है. इस प्रकरण से आहत कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि बेहतर होता यदि उनके संगठन को इराक़ में 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम चलाने की ज़िम्मेदारी सौंपी ही न जाती. उन्होंने ये विचार बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में व्यक्त करते हुए कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र को फिर कभी ऐसी ज़िम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी. सद्दाम हुसैन के शासनकाल में इराक़ पर लगे प्रतिबंधों के बाद इराक़ को अपने नागरिकों की खाद्य सामग्री की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कुछ हद तक तेल बेचने की इजाज़त दी गई थी. अन्नान ने कहा कि इराक़ के इस कार्यक्रम में कमियों और असफलताओं की वे ज़िम्मेदारी लेते हैं लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इसके कई पहलू उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर थे. लेकिन बीबीसी संवाददाता के अनुसार उन्होंने कोई संकेत नहीं दिया कि वे इस मामले पर इस्तीफ़ा देने पर विचार कर रहे हैं. न्यूयॉर्क सम्मेलन अगले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र के विश्व सम्मेलन के बारे में अन्नान ने कहा कि वे यही उम्मीद कर सकते हैं कि अमरीका की आपत्तियों के कारण विश्व में ग़रीबी का सामना करने के लक्ष्यों पर असहमति न हो. उन्होंने निराशा जताई कि सदस्य देशों ने उस सम्मेलन को कामयाब बनाने के लिए और प्रयास नहीं किए. उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञों की टीम ने पहले से तैयारी कर ली थी लेकिन अमरीका ने अपने संशोधनों की लंबी सूची आख़िरी दिनों में भेजी. उनका कहना था कि इस आधार पर बातचीत नहीं हो सकती कि किसी एक देश को सब कुछ मिल सकता है क्योंकि इस रुख़ से वह देश अपने लिए और अन्य देशों के साथ आपने रिश्तों के लिए दिक्कतें पैदा करेगा. |
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