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मंगलवार, 29 मार्च, 2005 को 22:27 GMT तक के समाचार
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कोफ़ी अन्नान इस्तीफ़ा नहीं देंगे
इराक़
इराक़ में प्रतिबंधों के तहत 1998 से 2003 तक 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम चलाया गया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम की जाँच में आरोपों से मुक्त होने के बाद कहा है कि वह इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

कोफ़ी अन्नान ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि उन्हें आरोपमुक्त कर दिया जाएगा.

जाँच कर रहे आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिनसे यह साबित हो कि कोफ़ी अन्नान ने अपने पद का दुरूपयोग किया.

अमरीका ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र में कोफ़ी अन्नान का समर्थन जारी रखेगा.

लेकिन रिपब्लिकन सीनेटर नॉर्म कोलमैन ने कोफ़ी अन्नान को 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में असफल प्रबंधन का दोषी ठहराते हुए उनके इस्तीफ़े की माँग की है.

कोफ़ी अन्नान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह अपने पुत्र कोजो से प्रेम करते हैं लेकिन जाँच आयोग के साथ कोजो के सहयोग न करने के फ़ैसले से उन्हें बहुत दुख पहुँचा है.

उधर अफ़्रीकी यूनियन के प्रवक्ता अल्फ़ा उमर कोनारे ने कहा कि संगठन उनका समर्थन करता है और यदि उनके पुत्र ने कुछ किया है या नहीं किया है, उसके लिए कोफ़ी अन्नान को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.

कोफ़ी अन्नान
'कोफ़ी अन्नान को उस तरह की क्लीनचिट नहीं मिली है जिसकी उन्होंने उम्मीद की होगी'

पर्यवेक्षकों का कहना है कि रिपोर्ट में कोफ़ी अन्नान को उतने स्पष्ट तरीके से 'क्लीनचिट' नहीं दी गई है जितना कोफ़ी अन्नान को उम्मीद होगी.

कोफ़ी की आलोचना

जाँच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोफ़ी अन्नान को मामले की पूरी और जल्दी जाँच करानी चाहिए थी.

अन्नान के पुत्र कोजो अन्नान और तेल के बदले अनाज कार्यक्रम की निगरानी करने का ठेका लेने वाली वाली कंपनी कॉटेक्ना के संबंधों की छानबीन की गई है जिसके लिए कोजो काम करते हैं.

अमरीका की फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन पॉल वॉकर की अध्यक्षता में गठित पैनल की रिपोर्ट में कोफ़ी अन्नान की आलोचना की गई है.

अन्नान का दूसरा कार्यकाल अगले साल के अंत में ख़त्म हो रहा है और उन्होंने संकेत दिया है कि वो तीसरी बार इस पद पर नहीं आना चाहेंगे.

हालाँकि अन्नान के सहयोगियों का कहना है कि अन्नान ने कोई ग़लत काम नहीं किया है इसलिए इस रिपोर्ट से उनकी छवि ख़राब नहीं होगी.

अंतरिम रिपोर्ट में इस बात की छानबीन की गई कि क्या कोजो अन्नान और स्विस कंपनी कॉटेक्ना को अनाज के बदले तेल कार्यक्रम की निगरानी का अनुबंध संयुक्त राष्ट्र से मिलने में कोई संबंध है?

इस बात की भी जाँच हुई कि क्या कोफ़ी अन्नान ने इसमें कोई भूमिका निभाई?

कॉटेक्ना का ठेका

संयुक्त राष्ट्र ने 1998 में कॉटेक्ना को इराक़ में 'अनाज के बदले तेल' कार्यक्रम की निगरानी करने का ठेका सौंपा था. 1998 में इराक़ पर सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध लगे थे और उसे केवल खाद्य पदार्थों के बदले तेल बेचने की ही अनुमति थी.

कॉटेक्ना से पहले लायड्स रजिस्टर इंस्पेक्शन लिमिटेड यह काम देख रही थी जिसने पाया कि इराक़ में सिर्फ मानवीय मदद ही जा रही है.

कॉटेक्ना को यह ठेका मिलने से पहले ही कोजो इस कंपनी के लिए काम करते थे. काक्टेना और कोजो दोनों कहते आए हैं कि कोजो का काम अफ़्रीका से जुड़ा हुआ था न कि इराक़ से.

हालाँकि कोजो ने कॉटेक्ना को यह ठेका मिलने के बाद भी कंपनी के लिए काम किया लेकिन काक्टेना का कहना है कि इसका ताल्लुक भी 'अनाज के बदले तेल' कार्यक्रम से नहीं है.

इस ठेके के बाद कंसल्टेंट के तौर पर कॉटेक्ना ने कोजो अन्नान को तीन लाख 65 हज़ार डालर की राशि दी.

कोफ़ी अन्नान ने इस बात पर निराशा और आश्चर्य व्यक्त किया है कि कोजो ने उनसे यह बात छिपाई कि 1988 में काक्टेना को ठेका मिलने के बाद भी वो कॉटेक्ना से सलाहकार के तौर पर धन लेते रहे.

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