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'जाँच रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र पर उठे सवाल' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम की जाँच रिपोर्ट के 'लीक' किए गए कुछ भाग में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र इस कार्यक्रम को चलाने में सक्षम नहीं था. ये जाँच एक साल तक चली और अमरीकी फ़ेडेरल रिज़र्व के पूर्व चेयरमैन पॉल वॉल्कर स्वतंत्र जाँच आयोग के अध्यक्ष थे. इसकी रिपोर्ट बुधवार को प्रकाशित होनी है लेकिन इसके कुछ अंश पहले ही 'लीक' हो गए हैं. संभावना है कि इस रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की बात हो सकती है ताकि 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में हुए भ्रष्टाचार को रोका जा सके. रिपोर्ट के 'लीक' हुए अंश के अनुसार ये संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा मानवीय कार्यक्रम था जिसे चलाने में ये संगठन सक्षम नहीं था. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कह चुके हैं कि इस मामले की अंतिम जाँच रिपोर्ट में उन्हें और आलोचना का सामना करना पड़ सकता है. इस प्रकरण से आहत कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि बेहतर होता यदि उनके संगठन को इराक़ में 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम चलाने की ज़िम्मेदारी सौंपी ही न जाती. उन्होंने ये भी कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र को फिर कभी ऐसी ज़िम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी. |
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