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भूकंप पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मदद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए आर्थिक मदद देने वाली सरकारों और संगठनों ने जीनेवा में एक सम्मेलन में 50 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त मदद देने का वादा किया है. संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों के संयोजक यान इग्लैन ने ये घोषणा की. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने भूकंप के पीड़ितों की सहायता के लिए दान राशि को 30 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर लगभग दोगुना करने की अपील की थी. सम्मेलन से पहले यान इग्लैन ने चेतावनी दी थी कि यदि भारी मात्रा में तत्काल मदद न दी गई तो लाखों लोग मर सकते हैं. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार भूकंप से मारे जाने वाले लोगों की ताज़ा संख्या 79 हज़ार है. अधिकारियों का कहना है कि ज़रूरत के मुकाबले केवल 12.5 प्रतिशत धन-राशि ही मिल पाई है. अगले तीन से पाँच हफ़्ते में प्रभावित क्षेत्र में बर्फ़ गिर सकती है और ख़राब मौसम के कारण हेलिकॉप्टरों से दी जा रही मदद में पहले ही रुकावट पैदा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान का कहना था, "त्रासदी इतनी भयावह है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते. हज़ारों लोग मारे गए हैं, 70 हज़ार घायल हैं और तीस हज़ार वर्ग किलोमीटर का इलाक़ा तबाह हो गया है. हम आज इसलिए मिल रहे हैं ताकि अब और लोग न मारे जाएँ." अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस और रेड क्रिसेंट ने भी अपनी अपील की राशि दोगुनी करके 11 करोड़ 70 लाख डॉलर के लिए कर दी है. 'और मौतें न हों' संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों के प्रमुख यान इग्लैंन ने कहा है कि अभी तक जिन 14 हज़ार लोगों को मलबे से निकाला गया है उनमें से एक तिहाई विकलांग हो गए हैं. इग्लैंन ने कहा कि इन लोगों को मदद के लिए बहुत लंबा इंतज़ार करना पड़ा और उनके ज़ख़्मों का इलाज समय पर नहीं किया जा सका. इग्लैंन ने स्थिति की गंभीरता के बारे में कहा कि उन्होंने ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे. यह बैठक ऐसे माहौल में हुई जब राहत कार्यों में लगे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर और सहायता नहीं मिली तो हज़ारों लोग मर सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि अब अगर सही वक़्त पर सहायता नहीं मिली तो भूकंप से पहले मारे गए लोगों से भी ज़्यादा लोग मारे जा सकते हैं. तबाही पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भूकंप से हुई तबाही से हुआ कुल नुक़सान पाँच अरब डॉलर से भी ज़्यादा हो सकता है. एक ब्रितानी अख़बार फ़िनेंशियल टाइम्स से बातचीत में परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि लगभग तीस लाख लोग बेघर हो गए हैं और उनमें से भी लगभग पाँच लाख अब भी ऐसे हैं जिन्हें किसी तरह की सहायता नहीं मिली है. पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों के प्रभारी राशिद ख़लीकोव ने कहा,"भूकंप प्रभावित इलाक़ों में लोगों को सख़्त सर्दी में सिर्फ़ उसी सहायता के सहारे रहना पड़ेगा जो उन्हें मिल सकेगी." विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि पाँच सप्ताह के भीतर इतनी सहायता सामग्री भेजे जाने की ज़रूरत है जो छह महीने तक चल सके. परवेज़ मुशर्रफ़ ने यह भी कहा कि कुछ कश्मीरी पृथकतावादी गुट प्रभावित इलाक़ों में लोगों की मदद कर रहे हैं लेकिन ये इस बात की पूरी कोशिश की जाएगी कि वे लोगों को चरमपंथी गतिविधियों की तरफ़ नहीं मोड़ें. |
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