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मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होने जा रहा है. इस चरण में कुल 57 सीटों का फ़ैसला होना है. वैसे पहले इस चरण में 61 सीटों पर मतदान होना था लेकिन सुरक्षाकारणों से चार सीटों पर चुनाव 21 अक्तूबर के लिए टाल दिया गया है. चुनाव आयोग ने पहली बार मतदान केंद्रों पर डिजिटल कैमरे का उपयोग करने का फ़ैसला किया है जिससे कि मतदान के दौरान गड़बड़ी का पता लगाया जा सके. बिहार में एक साल के भीतर हो रहे दूसरे विधानसभा चुनाव चार चरणों में पूरे होने हैं. पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उन सभी 12 ज़िलों में नक्सलियों का बड़ा प्रभाव माना जाता है. इन ज़िलों में पटना, बक्सर, गया, नवादा, बांका और औरंगाबाद शामिल है. राज्य चुनाव अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को कोई सवा करोड़ मतदाता 13 हज़ार 3 सौ 38 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. मुख्य सचिव जीएस कंग के अनुसार राज्य में 90 हज़ार से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. इसमें केंद्रीय सुरक्षा बल, बिहार मिलिट्री पुलिस और होमगार्ड शामिल हैं. वैसे पिछले तीन महीनों में चुनाव की तैयारियों के दौरान राज्य प्रशासन ने एक लाख से अधिक आपराधिक तत्वों को गिरफ़्तार किया गया है जिनके बारे में आशंका थी कि वे चुनावों में गड़बड़ियाँ फैला सकते हैं. इसके अलावा चुनाव के दौरान चार सर्वसुविधायुक्त हैलिकॉप्टर भी निगरानी रखेंगे. राज्य चुनाव अधिकारी एनके सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदान केंद्रों पर राज्य प्रशासन सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाएगा वहाँ मतदान नहीं होगा. इस चरण की 57 सीटों में से 49 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि उसके सहयोगी कांग्रेस ने सात और सीपीएम ने एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के जनता दस यूनाइटेड ने 33, भाजपा ने 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. इस चरण के जिन चार सीटों पर चुनाव टाल दिया गया है उनमें गया (शहर), गया (ग्रामीण), बोधगया और बेलागंज हैं. |
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