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आंध्र में बारिश और बाढ़ से 58 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी हिस्से में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है. आंध्र प्रदेश सरकार ने इस दौरान हुए नुक़सान का अनुमान 1800 करोड़ रुपए के लगभग लगाया है. राज्य सरकार ने केंद्र से 1200 करोड़ रूपए की मदद भी माँगी है. इस बारिश और बाढ़ की वजह से लगभग पौने तीन लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फ़सलों को भी ज़बर्दस्त नुक़सान हुआ है. वैसे मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्थिति बेहतर हो रही है. आपदा प्रबंधन के आयुक्त शशांक गोयल ने बताया कि खम्मम, कृष्णा और पूर्वी तथा पश्चिमी गोदावरी ज़िले में 465 राहत शिविर खोले गए हैं. भारी बारिश और बाढ़ से 7738 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 7804 मकानों को क्षति पहुँची है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार आंध्र प्रदेश के 10 ज़िलों में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. यहाँ तक कि सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि अनेक स्थानों पर रेल पटरियाँ पानी में डूब गईं हैं. उत्तर से दक्षिण भारत को जोड़नेवाली लगभग 23 ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं जबकि 12 का मार्ग बदल दिया गया है. रास्ता जाम पिछले दो दिनों से विशाखापत्तनम हवाई अड्डा बंद है. साथ ही हैदराबाद विजयवाड़ा सड़क भी बंद है जिसके कारण हज़ारों ट्रक और अन्य वाहन फंसे हुए हैं. बारिश के कारण बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा है. विजयवाड़ा से लगभग 30 हज़ार लोगों को निचले इलाक़ों से निकाला गया है. प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए वायु सेना के दो हेलिकॉप्टरों की मदद ली है. भारी बारिश और बाढ़ का क़हर तटीय इलाक़े श्रीकाकुलम में आए तूफ़ान के बाद शुरू हुआ. राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी का कहना है कि खम्मम और पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी ज़िलों में हुई भारी बारिश और उसकी वजह से गोदावरी नदी में आई बाढ़ से स्थिति गंभीर है. |
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