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महाराष्ट्र में 200 लोगों की जानें गईं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बाढ़ के बाद बीमारियों से महाराष्ट्र में मरनेवालों की संख्या बढ़कर 200 को पार कर गई है. बीबीसी संवाददाता सुनील रामन के अनुसार मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बाढ़ प्रभावित दक्षिण के राज्य कर्नाटक का हवाई सर्वेक्षण करने वाले थे पर भारी बारिश के कारण इसको रद्द करना पड़ा है. कर्नाटक ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित इलाक़ों के पुनर्वास के लिए 1500 करोड़ रुपए की माँग की है. कर्नाटक के बेलगाम, बीजापुर, बागलकोट, गुलबर्गा और रायचूर इलाक़े बाढ़ से प्रभावित हैं. इधर समाचार एजेंसियों यूएनआई और एपी ने स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि महाराष्ट्र में बाढ़ के बाद बीमारियों से मरने वालों की संख्या 200 को पार कर गई है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य उपनिदेशक प्रकाश ढोके ने बताया कि 26 जुलाई के बाढ़ के बाद महाराष्ट्र की स्थिति में सुधार आया है. उनका कहना है कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है. बृहनमुंबई नगर निगम के प्रवक्ता के अनुसार मुंबई शहर में मरने वालों की संख्या 128 पहुँच गई है. इसके पहले काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने महाराष्ट्र का दौरा का किया था. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख से बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों के लिए एक विशेष राहत पैकेज तैयार करने को कहा था. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मुंबई और उसके आसपास के ज़िलों के अस्पताल बुखार से पीड़ित लोगों से भरे हुए हैं. अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश मौतें जानवरों से फैलने वाली लेप्टोस्पीरोसिस से हुईं हैं लेकिन हैजे, वायरल बुखार और डेंगू से भी कई लोगों की मौतें हुईं हैं. पिछले दिनों महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण एक हज़ार लोगों की मौत हो गई थी. |
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