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'आतंकवाद पर नई रणनीति की ज़रूरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि उनके देश में शांति व्यवस्था क़ायम करने के लिए अमरीका और गठबंधन सैनिकों को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि 'आतंकवाद के स्रोत' पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. जहाँ से आतंकवादियों को प्रशिक्षण और प्रेरणा मिलती है. काबुल से बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि ज़्यादातर अफ़ग़ानी यही समझेंगे कि राष्ट्रपति करज़ई का इशारा पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर है. इस साल अभी तक अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा की घटनाओं के कारण एक हज़ार से ज़्यादा जानें गई हैं. बीबीसी के साथ इंटरव्यू में राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान सरकार के गिरने के बाद अमरीका की सैनिक रणनीति नाकाम नहीं हुई है. हालाँकि कुछ समय से हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं. राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि इसके बावजूद अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा में लगे गठबंधन सैनिकों और ख़ुद उनकी सरकार को भी अपने रुख़ पर फिर से विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि क्या आतंकवाद को हराने के लिए मौजूदा रणनीति सही है. इशारा राष्ट्रपति करज़ई ने इससे इनकार किया कि 'आतंकवाद के स्रोत' कहने का उनका इशारा पाकिस्तान की ओर है.
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने आने वाले चुनाव के बारे में भी बातें की. उन्होंने उन आलोचनाओं को सिरे से ठुकरा दिया कि कई पुराने कबीलाई नेताओं को संसदीय चुनाव में खड़े होने की अनुमति दे दी गई है. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला अफ़ग़ान लोगों को करना है कि वे ऐसे लोगों को जिताना चाहते हैं या नहीं. राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि उनकी इच्छा यही थी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए और वित्तीय सहायता देता. उन्होंने कहा कि वे इस बात के लिए आभार व्यक्त करते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान को इतनी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई लेकिन यह राशि और प्रभावी रूप में ख़र्च की जानी चाहिए थी. राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि अच्छा होता कि यह राशि बिजली, सड़क और कृषि विकास जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ख़र्च होती. |
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