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अफ़ग़ान संसद भवन निर्माण में भारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत अफ़ग़ानिस्तान के संसद भवन का निर्माण करवा रहा है जिसकी आधारशिला भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अफ़ग़ानिस्तान यात्रा के दौरान रखी जाएगी. भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन ने शुक्रवार को मनमोहन सिंह की अफ़ग़ानिस्तान यात्रा के बारे में जानकारी दी और बताया कि संसद भवन की आधारशिला अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक ज़ाहिर शाह रखेंगे लेकिन यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में होगा. भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दो दिन की यात्रा पर 28 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल जा रहे हैं. विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री 50 मिलियन डालर के वित्तीय पैकेज की घोषणा करेंगे. यह 500 मिलियन डॉलर की सहायता के अतिरिक्त होगा. यह भारत के सबसे बड़े सहायता कार्यक्रम में से एक है. भारत अफ़ग़ानिस्तान के चुनाव में भी सहायता कर रहा है. इसके अलावा भारत अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भी सहायता दे रहा है. श्याम सरन ने बताया कि भारत अब स्थानीय सामुदायिक विकास की योजनाओं को प्राथमिकता दे रहा है. भारतीय विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री काबुल के नज़दीक स्थित बाबर की मज़ार पर भी जाएँगे. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के साथ जा रहे संसदीय प्रतिनिधिमंडल में राहुल गाँधी भी शामिल हैं. दो दशक बाद यात्रा यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 29 साल बाद अफ़ग़ानिस्तान यात्रा होगी. इसके पहले 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने काबुल की यात्रा की थी. अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पिछले तीन वर्षों में तीन बार भारत की यात्रा कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वहाँ राष्ट्रपति करज़ई से बातचीत करेंगे और अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक ज़ाहिर शाह से भी मुलाक़ात करेंगे. भारत के सहायता कार्यक्रम से निर्मित हबीबिया स्कूल को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति करज़ई अफ़ग़ानिस्तान प्रशासन को सौंपेगे. कुछ अर्से पहले भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह काबुल गए थे और उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत के सहयोग का वादा किया था. |
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