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मीरवाइज़ बातचीत का नेतृत्व करेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी गुट हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस की गुरुवार को हुई बैठक में फ़ैसला किया गया कि हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत का नेतृत्व करेंगे. प्रधानमंत्री के साथ हुर्रियत नेताओं की बातचीत पाँच सितंबर को होनी है. हुर्रियत के प्रवक्ता अब्दुल माजिद ने पत्रकारों को बताया कि कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने जानेवाले प्रतिनिधिमंडल को तय करने का अधिकार भी मीरवाइज़ को सौंप दिया गया है. हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज़ ने बताया कि हुर्रियत नेता रविवार को दिल्ली पहुँच जाएंगे. यूपीए सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौक़ा है कि जब हुर्रियत नेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात कर रहे हैं. निमंत्रण इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के उदारवादी धड़े को पांच सितंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था.
ग़ौरतलब है कि हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के उदारवादी धड़े ने कहा था कि वह भारत सरकार के साथ बातचीत शुरू करना चाहता है. दोनों पक्षों के बीच बातचीत पिछले एक वर्ष से रूकी हुई है. उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा था कि अनौपचारिक तौर पर वे भारत सरकार के प्रतिनिधियों के संपर्क में हैं और उन्होंने उनसे अपनी इच्छा जता दी है. इसके पहले भारत सरकार ने नरम रुख़ अपनाते हुए हुर्रियत नेताओं को श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस से यात्रा करने की अनुमति प्रदान कर दी थी. |
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