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'बातचीत में हुर्रियत को शामिल नहीं करेंगे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति वार्ता में कश्मीरी अलगाववादी संगठन सर्वदलीय हुर्रियत कॉफ़्रेंस को शामिल नहीं किया जाएगा. देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि कश्मीर मसले पर हुर्रियत कॉफ़्रेंस के नेता अलग से सरकार से बात कर सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति वार्ता में हुर्रियत को तीसरा पक्ष कभी नहीं बनाया जा सकता. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ राशीद के फ़ॉर्म हाउस में 1980 के दशक में कथित रूप से चलाए गए चरमपंथियों के प्रशिक्षण शिविर के बारे में पाकिस्तान सरकार से बात की जाएगी. दरअसल सारा विवाद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट के नेता यासीन मलिक के एक बयान के आधार पर पाकिस्तान के एक अख़बार में आई रिपोर्ट के बाद पैदा हुआ. अख़बार ने दावा किया था कि यासीन मलिक ने शेख़ रशीद के फ़ॉर्म हाउस में जेहादियों को प्रशिक्षित किए जाने की बात कही थी. लेकिन यासीन मलिक ने बाद में जेहादियों को प्रशिक्षित किए जाने वाले किसी भी बयान से इनकार किया था. भारत-नेपाल सीमा पर माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की ख़ुफ़िया रिपोर्ट पर श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा जल्द ही इस सीमा पर पुलिस चौकियों की संख्या दोगुनी कर दी जाएगी |
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