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महाराष्ट्र में प्लास्टिक बैग पर रोक लगेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र सरकार ने प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है. राजधानी मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर जनता की ओर से आने वाली आपत्तियों और सलाह के लिए 30 दिनों की समयसीमा तय की है, जिसके बाद कैबिनेट इस पर आख़िरी फ़ैसला लेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई और कई इलाक़े प्लास्टिक बैग के ग़लत इस्तेमाल के कारण प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा, "इन प्लास्टिक बैग के कारण जलनिकासी में समस्या आती है क्योंकि इनके कारण नाले अवरुद्ध हो जाते हैं." मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने हाल ही में मुंबई और अन्य इलाक़ों में आई भीषण बाढ़ के दौरान जलनिकासी में हुई समस्या का दोष भी इस पर मढ़ा. उन्होंने कहा, "मुंबई और अन्य इलाक़ों में आई बाढ़ के दौरान जलनिकासी में जो समस्या आई उसके पीछे शुरुआत में यही वजह थी. प्लास्टिक बैग के कारण नाले रुके पड़े थे और पानी निकलने में मुश्किल हो रही थी." धारणा राज्य में प्लास्टिक बैग की बिक्री पर रोक की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आम धारणा है कि जब तक हम प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करना बंद नहीं करेंगे स्थिति में सुधार नहीं होगा.
मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने कहा कि राज्य में प्लास्टिक बैग की बिक्री पर रोक तो रहेगी लेकिन इसके उत्पादन पर रोक नहीं होगी ताकि इसे दूसरे राज्यों में बेचा जा सके. जुलाई में मुंबई और अन्य इलाक़ों में आई बाढ़ के कारण कम से कम 1100 लोग मारे गए थे और 300 से ज़्यादा इसके बाद फैली बीमारी के कारण मारे गए. बाढ़ के कारण करोड़ों रुपए की संपत्ति का भी नुक़सान हुआ. राज्य सरकार ने प्रभावित इलाक़ों में राहत कार्यों के लिए क़रीब तीन अरब डॉलर की सहायता राशि केंद्र से मांगी है. |
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