| दिल्ली में भारत-पाक परमाणु वार्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का ख़तरा टालने की कोशिशों को लेकर हुई दो दिवसीय बातचीत शुरू हुई है. दोनों देशों के अधिकारी इस मुद्दे पर दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं. इस मुद्दे पर यह तीसरे दौर की बातचीत है. इसके पहले पिछले साल दिसंबर और जून में बातचीत हुई थी. पिछले साल दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस तरह के कदम उठाए गए हैं. इस बातचीत में मिसाइल परीक्षण की पूर्व सूचना देने पर बातचीत होगी. साथ ही आपातकालीन हॉललाइन स्थापित करने पर भी चर्चा होगी. परमाणु मुद्दे के बाद सोमवार को अन्य भरोसा बढ़ानेवाले क़दमों के संबंध में दोनों देशो के अधिकारियों के बीच बातचीत होगी. इसके पहले दोनों बार भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का ख़तरा टालने की कोशिशों को लेकर हुई बातचीत बिना किसी ख़ास समझौते के ख़त्म हो गई थी. हालांकि दोनों देश परमाणु मुद्दे पर भरोसा बढ़ाने की दिशा में काम करते रहने पर सहमत हो गए थे. दोनों देशों के बीच ग़लतफ़हमी दूर करने और परमाणु मुद्दे पर ख़तरा कम करने की कोशिशों के तहत ये क़दम उठाए जा रहे हैं. बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग बातचीत चल रही है. सीमा विवाद को सुलझाने के लिए अलग से बातचीत चल रही है. बीबीसी के डेविड चज़ान का कहना है कि बातचीत से दोनों देशों के बीच संबंधों में 'नई परिपक्वता' नज़र आती है. पिछले साल दोनों देश बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने पर सहमत हो गए थे. लेकिन प्रेक्षकों का कहना है कि पिछले दिनों भारत और अमरीका के बीच परमाणु सहयोग को लेकर सहमति से पाकिस्तान नाखुश है. इधर भारत चाहता है कि पाकिस्तान भारत प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी हमले बंद करवाने के संबंध में कार्रवाई करे. भारत का आरोप है कि चरमपंथियों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण और हथियार उपलब्ध कराए जाते हैं. जबकि पाकिस्तान इस आरोप से इनकार करता है. |
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