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ओसामा के नाम ने जेल पहुँचाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिक्री बढ़ाने की नीति न केवल उल्टी पड़ गई बल्कि इसने एक बीमा कंपनी के कुछ कर्मचारियों को जेल तक पहुँचा दिया. उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में ओसामा बिन लादेन और जेहाद के नाम पर बीमा पोलिसी बेचने के कारण भारतीय बीमा कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के पाँच कर्मचारियों को जेल की हवा खानी पड़ी है. कानपुर के एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि यह आईसीआईसीआई के एक स्थानीय मैनेजर के दिमाग़ की उपज थी. कंपनी के स्थानीय कर्मचारियों ने पिछले सप्ताह बिक्री बढ़ाने के लिए एक बैठक आयोजित की थी और इसके लिए बैनर और पोस्टर लगाए गए थे. शाखा प्रबंधक ने तीन दिनों में 275 पोलिसी बेचने का लक्ष्य रखा था और इसे ओसामा बिन लादेन का नाम दिया गया और इस पूरी बिक्री योजना को मिशन जेहाद का नाम दिया गया. दबाने की कोशिश इस योजना की ख़बर मीडिया को लग गई और इससे कर्मचारी डर गए और उन्होंने प्रचार सामग्री को जलाने की कोशिश की. पुलिस ने इसके बाद छापे मारे और आधे जले पोस्टर बरामद किए जिसमें ऐसे नारे लिखे थे, 'मिशन जेहाद-एक दुश्मन मारो और सुंदर क्रिस्टल ग्लास ले जाओ. ज़्यादा लोग मारो, ज़्यादा ले जाओ.' पुलिस ने शाखा प्रबंधक संजीव भाटिया और उनके चार सहयोगियों को गिरफ़्तार कर लिया है. उनकी दलील है कि उनकी योजना बीमा पोलसियों की बिक्री बढ़ाने की थी. इस ख़बर के फैलने के बाद भाजपा ने विरोध करना शुरू कर दिया लेकिन इसमें शामिल सभी लोग हिंदू थे जिसके कारण यह मुहिम ज़्यादा ज़ोर नहीं पकड़ सकी. ग़ौरतलब है कि कानपुर सांप्रदायिक रूप से काफ़ी संवेदनशील शहर है. मजिस्ट्रेट ने इन कर्मचारियों की ज़मानत की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी है और उन्हे हिरासत में भेज दिया है. भाजपा के एक विधायक ने इस मामले को विधानसभा में उठाया है. इधर बीमा कंपनी ने अपने बचाव में मुहिम शुरू कर दी है. कंपनी ने अख़बार में विज्ञापन दिए हैं और कहा है कि यह स्थानीय कर्मचारियों ने ग़लती थी जिसके लिए कंपनी ने खेद प्रकट किया है. |
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