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जूदेव मामले में अमित जोगी पर आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव को कैमरे पर पैसा लेते दिखाए जाने के मामले में सीबीआई ने कहा है कि इसकी योजना पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने बनाई थी. सर्वोच्च न्यायालय मे दिए गए एक शपथ पत्र में केंद्रीय जाँच समिति (सीबीआई) ने कहा है कि उस समय अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे और चुनाव के समय उनको राजनीतिक लाभ पहुँचाने के लिए यह योजना बनाई गई थी. नवंबर 2003 में यह प्रकरण सामने आया था और उस समय दिलीप सिंह जूदेव केंद्रीय मंत्री थे और उनको भाजपा की ओर से भावी मुख्यमंत्री के रुप में प्रचारित किया जा रहा था. इस प्रकरण के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था और मुख्यमंत्री पद की उनका दावेदारी भी ख़त्म हो गई थी. भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले के प्रकाशित होने के बाद कहा था कि यह किसी राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा लगता है. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस मामले की जाँच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए थे. उल्लेखनीय है कि अमित जोगी को हाल ही में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में एक एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या के आरोप में भी गिरफ़्तार किया था. शपथ पत्र सर्वोच्च न्यायालय में भूपिंदर सिंह जिसे राहुल के नाम से भी जाना जाता है, ने एक याचिका दायर की थी कि उसे इस मामले से मुक्त कर दिया जाए. इसी याचिका पर सीबीआई ने शपथ पत्र दिया है.
सीबीआई ने कहा है, "जुलाई 2003 में अमित जोगी ने रजत प्रसाद, अरविंद विजयमोहन और राहुल के साथ मिलकर जूदेव को घूस लेते हुए वीडियो में उतारने की योजना बनाई थी." इस शपथ पत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले अजीत जोगी को राजनीतिक लाभ पहुँचाने के लिए यह योजना बनाई गई थी. सीबीआई ने अपने शपथ पत्र में पूरी योजना और उस पर कार्रवाई का विवरण दिया है. एजेंसी का दावा है कि जूदेव को कैमरे पर क़ैद करने के लिए पटेल को 15-16 लाख रुपए मिले, और जैसा कि पहले पटेल ने दावा किया था कि वह राशि उन्हें खेती की ज़मीन बेचकर मिली थी, ग़लत था. सीबीआई ने याचिकाकर्ता के इस दावे को ख़ारिज कर दिया कि उन्होने यह सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए किया. सीबीआई ने कहा है कि अभी जाँच जारी है. पैसा ख़ुदा से कम नहीं इस वीडियो टेप के बारे में सबसे पहले ख़बर इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित की थी. इस वीसीडी में मंत्री को एक कथित ठेकेदार से नक़द पैसा लेते हुए दिखाया गया था.
इसमें दिखाया गया था कि पैसा लेते हुए जूदेव कह रहे हैं, ''पैसा ख़ुदा नहीं होता पर ख़ुदा की क़सम खुदा से कम भी नहीं होता.'' ख़बरों के अनुसार दिल्ली के किसी होटल में यह फ़िल्म उतारी गई थी जिसमें जूदेव के साथ उनके पुराने साथी और निजी सचिव नटवर रतेरिया भी दिखाई पड़ रहे थे. पैंतीस मिनट से कुछ अधिक लंबी इस फ़िल्म में रतेरिया ने उड़ीसा में भी खदान के ठेकों में सहायता का आश्वासन दिया. |
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