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जूदेव के बारे में जाँच सीबीआई करेगी
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूर्व वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप सिंह जूदेव के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जाँच ब्यूरो से जाँच के आदेश दिए हैं. भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद दिलीप सिंह जूदेव ने भारी विवादों के बीच अपना इस्तीफ़ा दे दिया था. पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि यदि ठेके देने के लिए पैसे लेने के मामले में जूदेव दोषी पाए जाते हैं तब ही उन्हें इस्तीफ़ा देना होगा. उल्लेखनीय है कि रविवार को इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने एक फ़िल्म की ख़बर छापी थी. इस फ़िल्म में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के दावेदार जूदेव को कथित तौर पर एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए दिखाया गया. बाद में कई टेलीविजन चैनलों पर यह फ़िल्म दिखाई गई. जूदेव ने इन आरोप का एक संवाददाता सम्मेलन में खंडन किया था. इससे पहले पार्टी अध्यक्ष वेकैंया नायडू का कहना था कि उनकी पार्टी अभी भी जूदेव को निर्दोष मानती है. लेकिन पार्टी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए. मुक़दमा करेंगे जूदेव चुनाव प्रचार छोड़कर रायपुर लौटे दिलीप सिंह जूदेव ने इस फ़िल्म को ग़लत बताते हुए कहा था कि चुनाव के समय उन्हें फँसाने के लिए यह सब किया गया है. उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री अजीत जोगी को दोष देते हुए कहा था कि वे इस मामले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा करेंगे. उनका कहना था कि फ़िल्म में जिस लड़के का ज़िक्र किया गया है वे उससे कभी नहीं मिले. जबकि अजीत जोगी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार नहीं है लेकिन ये लोग वहाँ हीरा ख़दानों के ठेके बेच रहे हैं. भाजपा गिरेबान में झाँके इस पूरे प्रकरण पर इंडियन एक्सप्रेस के प्रधान संपादक शेखर गुप्ता ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि भाजपा को अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए. उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में आमतौर पर कहा जाता है कि मामला झूठा है फिर यह कि फ़िल्म से छेड़छाड़ की गई है और फिर जाँच की बात की जाती है. उन्होंने कहा कि अख़बार ने सभी पक्षों से बातचीत के बाद यह रिपोर्ट छापी है और अख़बार पूरी फ़िल्म की बातचीत का ब्यौरा छाप रहा है. उनका मानना है कि ऐसे मामलों की जाँच चुनाव आयोग नहीं करता. |
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