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इमराना के ससुर के ख़िलाफ़ आरोप पत्र | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुज़फ़्फ़रनगर में कथित बलात्कार की शिकार इमराना के मामले में उसके ससुर अली मोहम्मद के ख़िलाफ़ पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है. पुलिस ने आरोप पत्र के साथ इमराना का बयान और उसके परिवार वालों सहित 12 लोगों की गवाही के कागज़ात संलग्न किए हैं. उल्लेखनीय है कि ससुर द्वारा कथित रुप से बलात्कार का शिकार होने के बाद जब मामला सामने आया तो सामुदायिक पंचायत के एक विवादित फ़ैसले ने इसे चर्चा का विषय बना दिया. सामुदायिक पंचायत ने फ़ैसला दिया था कि शरिया क़ानून के तहत वह अपने पति के साथ नहीं रह सकती और उसे बेटा मानना होगा. मामला गर्माने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामला दर्ज किया था. 28 साल की इमराना के ससुर अली मोहम्मद की ज़मानत अर्जी 27 जून को न्यायिक दंडाधिकारी ने ख़ारिज कर दी थी और उसे 14 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस का कहना है कि आरोप पत्र के साथ इमराना की डॉक्टरी रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया उसका बयान भी शामिल है. इसके अलावा इमराना के भाइयों, उसकी ननद और देवर के बयान भी पुलिस ने आरोप पत्र के साथ संलग्न किए गए हैं. फ़िलहाल यह मामला देवबंद के दारुल उलूम में लंबित है जहाँ इसकी सुनवाई अभी शुरु नहीं हुई है. |
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