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नेतृत्व का संकट जारी, बैठक टली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफ़े के बाद भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व का संकट जारी है और पार्टी ने गुरुवार शाम को होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक शुक्रवार की शाम छह बजे तक के लिए स्थगित कर दी है. इसी बैठक में लालकृष्ण आडवाणी बुधवार के प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले थे. इस बीच भाजपा नेता आडवाणी को मनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं और जैसी की ख़बरें हैं पार्टी के उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू एक नए प्रस्ताव के प्रारुप के साथ आडवाणी से मिले हैं. बुधवार को भाजपा संसदीय बोर्ड के एक प्रस्ताव पारित करके आडवाणी का इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया था और उनसे अनुरोध किया था कि वे अपने इस्तीफ़े पर पुनर्विचार करें. आडवाणी ने इस प्रस्ताव के साथ गए नेताओं से कहा था कि वे इस पर विचार करने के बाद गुरुवार को अपनी प्रतिक्रिया देंगे. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले आडवाणी के बयान पर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी और भाजपा का एक धड़ा भी आडवाणी से नाराज़ था. |
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