| आडवाणी मिले मुशर्रफ़ और अज़ीज़ से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता लाल कृष्ण आडवाणी के अनुसार उनकी पाकिस्तान यात्रा का उद्देश्य भारत और पाकिस्तान की शांति प्रक्रिया को और मज़बूत करना है. आडवाणी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ से आज मुलाक़ात की. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इस यात्रा के दौरान आडवाणी से शांति प्रक्रिया के प्रति समर्थन माँगा. उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया के प्रति उनकी पार्टी भाजपा का भी समर्थन चाहते हैं. इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अज़ीज़ से मुलाक़ात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में आडवाणी ने कहा, "इस यात्रा से शांति प्रक्रिया के मज़बूत होने के साथ ही हालात सामान्य होने की ओर बढ़ेंगे." शांति प्रक्रिया के प्रति संकल्प भाजपा नेता का कहना था कि भारत में इस शांति प्रक्रिया पर व्यापक तौर पर सहमति है और मौजूदा मनमोहन सिंह सरकार को इसमें उनकी पार्टी का पूरा समर्थन प्राप्त है. वहीं अज़ीज़ का कहना था कि भारतीय सांसदों की यात्रा कश्मीर सहित सभी मुद्दों को सुलझाने की गति बढ़ाएगी. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व बनाए रखने की दिशा में काम करता रहेगा." पाकिस्तान की सात दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले सोमवार को आडवाणी ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ सुधरते रिश्तों का समर्थन करते हैं और उनकी यात्रा इसमें सहयोग ही करेगी. आडवाणी का जन्म 1929 में पाकिस्तान में हुआ था और विभाजन के बाद वह भारत आ गए थे. वह राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के न्यौते पर वहाँ पहुँचे हैं. वैसे आडवाणी की ये दूसरी पाकिस्तान यात्रा है. इससे पहले वह 1979 में देश के सूचना मंत्री के रूप में पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं. |
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