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विश्व हिंदू परिषद ने आपत्ति जताई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के पाकिस्तान में क़ायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष नेता बताने पर विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयमसेवक संघ ने आपत्ति जताई है. अहमदाबाद में विश्व हिंदू परिषद ने रोष प्रदर्शन किए और आडवाणी के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए कहा कि उन्होंने हिंदू समाज का अपमान किया है. महत्वपूर्ण है कि अहमदाबाद का काफ़ी बड़ा भाग आडवाणी के लोकसभा चुनाव क्षेत्र में पड़ता है. उधर आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने भी बीबीसी को बताया कि वे क़ायदे आज़म जिन्ना के बारे में आडवाणी से सहमत नहीं हैं. 'हिंदू समाज का अपमान' शनिवार को अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान आडवाणी ने पाकिस्तान के संस्थापक क़ायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें धर्मनिरपेक्ष नेता बताया. विश्व हिंदू परिषद के नेता गिरिराज किशोर ने आरोप लगाया है कि क़ायदे आज़म जिन्ना की मज़ार पर जाकर और उन्हें धर्मनिरपेक्ष बताकर आडवाणी ने हिंदू समाज का अपमान किया है. उन्होंने इसे मुसलमानो को ख़ुश करने की नीति बताया. गिरिराज किशोर का कहना था कि क़ायदे आज़म के 'डायरेक्ट एक्शन' आहवान के कारण देश का विभाजन हुआ और हज़ारों हिंदू मारे गए और कई अन्य विभाजन का दर्द झेल रहे हैं. इस मुद्दे पर अहमदाबाद में विश्व हिंदू परिषद ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया है और पूर्व उपप्रधानमंत्री पर हिंदुओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. नार लगाते हुए विहिप कार्यकर्ताओं ने उन पर 'हिंदू-द्रोही' होने का आरोप लगाया. उधर राष्ट्रीय स्वयमसेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि आरएसएस आडवाणी के बयान से सहमत नहीं है और जब वे भारत वापस आएँगे और पूरे घटनाक्रम का संदर्भ बताएँगे तब ही सब कुछ स्पष्ट होगा. आरएसएस का कहना था कि उसके समर्थक नाख़ुश हैं लेकिन उसने अपने समर्थकों को अहमदाबाद में या फिर कहीं और प्रदर्शनों में भाग लेने को नहीं कहा. |
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