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भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक स्थगित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लालकृष्ण आडवाणी के पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के बाद पैदा हुई स्थिति पर विचार करने के लिए होनी वाली पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है. हालांकि भाजपा का कहना है कि चूंकि वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह इसराइल गए हुए हैं इसलिए उनके आने तक बैठक स्थगित की गई है. लेकिन दिल्ली से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बैठक के स्थगित किए जाने से स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व का संकट बना हुआ है और आडवाणी के अध्यक्ष पद पर वापसी को लेकर मतभेद हैं. इसी बैठक में आडवाणी इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया देने वाले थे. इस बीच आडवाणी को मनाने की कोशिशें जारी हैं, गुरूवार की सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे एक बार फिर मुलाक़ात की. पार्टी उपाध्यक्ष वेंकैया नायडू के नेतृत्व में आडवाणी से मिलने पहुँचे नेताओं में पार्टी के दो महासचिव प्रमोद महाजन और संजय जोशी भी शामिल थे. ख़बरें हैं कि आडवाणी को इन नेताओं ने एक नया प्रस्ताव दिया है. इस नए प्रस्ताव की ज़रुरत इन ख़बरों के बाद आई है कि आडवाणी इस बात को लेकर ख़ुश नहीं हैं कि बुधवार को पारित किए गए प्रस्ताव में पाकिस्तान की उनकी यात्रा का कोई ज़िक्र नहीं है. अब माना जा रहा है कि नया प्रस्ताव में भाजपा संसदीय बोर्ड की शुक्रवार को होने वाली बैठक में लाया जाएगा जिसमें संभव है कि जिन्ना का ज़िक्र किए बिना आडवाणी की पाकिस्तान यात्रा को सफल बताया जाए. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी उनसे अलग से मुलाक़ात की. इंतज़ार आडवाणी ने बुधवार को कहा था कि वे भाजपा संसदीय दल के प्रस्ताव पर विचार करेंगे, इससे पहले तक वे कहते रहे थे कि वे अपना इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे. आडवाणी ने कहा था कि वे गुरूवार तक संसदीय बोर्ड के प्रस्ताव पर अपना अंतिम निर्णय घोषित कर देंगे. पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक शुक्रवार तक स्थगित होने से अब लगने लगा है कि आडवाणी के इस्तीफ़ा वापस लेने या नहीं लेने का मामला अगले दो-एक दिन और खिंच सकता है. हालांकि अभी तक इस बारे में कोई ख़बर नहीं मिली है कि आडवाणी के इस्तीफ़ा वापस लेने न लेने को लेकर आरएसएस का क्या रुख़ है. हालांकि आरएसएस ने आडवाणी के इस्तीफ़े को पार्टी का अंदरूनी मामला बताया था लेकिन ज़ाहिर तौर पर संघ चाहता था कि आडवाणी जिन्ना पर दिया हुआ अपना बयान वापस ले लें. |
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