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बिहार में चुनाव अक्तूबर या नवंबर में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनाव आयोग ने मंगलवार को घोषणा की है कि बिहार में विधानसभा चुनाव अक्तूबर या फिर नवंबर में होंगे. आयोग ने कहा है, '' दो सदस्यीय दल की सिफ़ारिशों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के बाद चुनाव आयोग इस निष्कर्ष पर पहुँचा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जुलाई, अगस्त और सितंबर में संभव नहीं हैं. '' आयोग ने कहा कि त्योहारों और बाढ़ की संभावना को देखते हुए चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जाएगा. आयोग का कहना है कि 22 नवंबर तक बिहार में चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके पहले बिहार में चुनावी तैयारियों का जायज़ा लेने के सिलसिले में चुनाव आयोग का दो सदस्यीय दल पटना गया था. आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और राज्य प्रशासन के साथ चुनाव की तैयारियों के संबंध में बातचीत की थी. इसके बाद उन्होंने आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इस दल में उप चुनाव आयुक्त आनंद कुमार और आयोग के क़ानूनी सलाहकार एसके मेंहदीरत्ता शामिल थे. एनडीए की माँग हालांकि राष्ट्रीय जनताँत्रिक गठबंधन (एनडीए) नेताओं ने चुनाव आयोग से मानसून से पहले बिहार में विधानसभा चुनाव कराने की मांग की थी. साथ ही उन्होंने कम चरणों में चुनाव कराने की मांग की थी ताकि चुनावी प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके. एनडीए नेताओं का कहना था कि यूपीए सरकार बिहार में लोकताँत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है. एनडीए नेताओं ने क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में सितंबर में ही चुनाव संभव हैं. |
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