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हमारे विधायक नहीं टूटे हैं: पासवान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने बीबीसी से बातचीत में साफ़ तौर से कहा कि उनकी पार्टी का न तो कोई विधायक टूटा है और न टूटने वाला है. पासवान का कहना था कि वह धारा के विपरीत नाव खे रहे हैं और ऐसे में दिक्कतें तो आती हैं. पासवान नागमणि से ख़ासे नाराज़ हैं और कहते हैं कि पहले नागमणि भाजपा के साथ थे और कुछ ही दिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी में आए थे. वह नागमणि के इस्तीफ़े को ज़्यादा महत्व नहीं देते हुए कहते हैं कि पार्टी में उनके जैसे अनेक महासचिव हैं. पासवान का कहना है कि विधायकों को रामविलास पासवान और लोक जनशक्ति पार्टी के नाम पर वोट मिले हैं. लेकिन वह स्वीकार करते हैं कि कुछ विधायकों की नाराज़गी स्वाभाविक है. उनको वेतन नहीं मिल रहा है और कोई सरकार नहीं है. इन ख़बरों पर कि उनके विधायक अन्य दलों के नेताओं के संपर्क में हैं, पासवान ने कहा कि सभी दलों के विधायक एक दूसरे के संपर्क में हैं. लेकिन उन्होंने साफ़ तौर पर कहा, '' हमारी पार्टी का कोई विधायक न तो टूटा है और न टूटने वाला है. हम धारा के विपरीत नाव खे रहे हैं और ऐसे में दिक्कतें तो आती हैं.'' उनका आरोप था कि लोक जनशक्ति को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है और वो अब भी भाजपा और आरजेडी के बिना सरकार बनाने के फ़ॉर्मूले पर जमे हैं. इसके पहले रामविलास पासवान ने फ़ार्मूला दिया था कि कांग्रेस किसी मुसलमान नेता को मुख्यमंत्री बनाती है तो वह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ भी सरकार बनाने पर विचार कर सकते हैं. हालाँकि वह इस बात पर अब भी अड़े हुए हैं कि लोक जनशक्ति पार्टी को भाजपा और आरजेडी का मुख्यमंत्री मंज़ूर नहीं है. |
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