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सोनिया दोबारा काँग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोनिया गाँधी दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष चुन ली गई हैं. कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष ऑस्कर फर्नांडिस ने घोषणा की कि केवल सोनिया गाँधी ने इस पद के लिए नामांकन दाख़िल किया. शनिवार को आधिकारिक रूप से उनके निर्वाचन की घोषणा कर दी गई. सोनिया गाँधी के नामांकन के पक्ष में 100 से अधिक कांग्रेसी नेताओं ने नामांकन दाख़िल किया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी उनका नाम प्रस्तावित किया और उसका समर्थन प्रणव मुखर्जी, शिवराज पाटिल और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने किया. सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री पद ठुकरा दिया था. उसके बाद उन्हें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का अध्यक्ष बनाया गया. वामपंथी दलों से अनेक मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद यूपीए की सरकार चल रही है. इस महीने 22 तारीख़ को यूपीए सरकार के गठन का एक साल पूरा हुआ है. इस मौक़े पर कार्यसमिति के सदस्यों की एक बैठक हुई थी जिसमें पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई दी. प्रेक्षकों का कहना है कि सोनिया गाँधी के निर्विरोध निर्वाचन से पता चलता है कि उनकी पार्टी पर पकड़ बरकरार है. पांच साल पहले जब सोनिया गाँधी अध्यक्ष पद के लिए खड़ी हुईं थीं तो जितेंद्र प्रसाद जैसे वरिष्ठ नेता ने उन्हें चुनौती दी थी. |
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