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करुणाकरण ने बनाई अपनी अलग पार्टी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंबे समय से असंतुष्ट वरिष्ठ कांग्रेस नेता के करुणाकरण ने केरल में कांग्रेस को तोड़ कर अपनी एक अलग पार्टी 'नेशनल कांग्रेस इंदिरा' का गठन कर लिया है. करुणाकरण ने अपनी नई पार्टी का अध्यक्ष अपने बेटे के मुरलीधरन को बनाया है. इसकी अपेक्षा बहुत दिनों से की जा रही थी. उत्तरी केरल के त्रिचूर में एक रैली में करुणाकरण ने इसकी घोषणा करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार, भेदभाव और अत्याचार से लड़ेगी और राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. पार्टी की इस टूटफूट में विधायकों को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि इससे उनकी सदस्यता ख़त्म होने की संभावना थी. हज़ारों कार्यकर्ताओं के बीच के करुणाकरण ने अपनी पार्टी की घोषणा की. कार्यकर्ताओं के इस अधिवेशन में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी की जमकर तारीफ़ की गई और राज्य के कांग्रेस मुख्यमंत्री ओमन चांडी को ख़ूब कोसा गया. के करुणाकरण ने कहा कि मुख्यमंत्री चांडी की वजह से कांग्रेस पार्टी का बुरा हाल हुआ है. चांडी के साथ साथ कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल को भी को पार्टी की ख़राब स्थिति के लिए दोष दिया गया. इस अधिवेशन में मौजूद बीबीसी के दक्षिण भारत संवाददाता सुनील रामन का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने करुणाकरण को मनाने के लिए वह सब किया जिससे वे संतुष्ट हों लेकिन वे माने नहीं. बीबीसी संवाददाता के अनुसार करुणाकरण की ही मांग पर एके एंटनी को पिछले साल मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था लेकिन करुणाकरण जल्दी ही नए मुख्यमंत्री चांडी के भी ख़िलाफ़ हो गए. केरल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. |
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