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केरल के मुख्यमंत्री एंटनी ने इस्तीफ़ा दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केरल के मुख्यमंत्री एके एंटनी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने कहा कि वे लोकसभा चुनाव में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी ले रहे हैं. एंटनी ने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल को सौंप दिया है. राज्यपाल से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एंटनी ने कहा, "मैं हमेशा अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर काम करता हूँ. इस बार भी मैंने ऐसा ही किया है." एंटनी का फ़ैसला ऐसे समय आया है जब काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी राज्य के एक दिन के दौरे पर आई थीं. दरअसल सोनिया गाँधी के केरल से रवाना होने के ठीक बाद हवाई अड्डे पर ही एंटनी ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी थी. एंटनी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी बात कर ली है. ज़िम्मेदारी उन्होंने कहा कि वे लोकसभा चुनाव में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन की भी नैतिक ज़िम्मेदारी ले रहे हैं. वैसे प्रदेश काँग्रेस इकाई में गुटबाज़ी को भी एंटनी के त्यागपत्र की प्रमुख वजह माना जा रहा है. वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री करुणाकरण मंत्रिपरिषद और पार्टी में अपने समर्थकों को जगह दिलाने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को कई बार धमकी दे चुके हैं. रविवार को भी करुणाकरण के पुत्र मुरलीधरण ने एक ज्ञापन काँग्रेस अध्यक्ष को सौंपा. बीबीसी संवाददाता सुनील रामन के अनुसार केरल में सत्ताधारी यूडीएफ़ के संयोजक ओमान चैंडी के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं है. एके एंटनी ने 17 मई 2001 को राज्य के 18वें मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था. |
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