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सोनिया ने एनडीए की कड़ी आलोचना की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बजट सत्र के बहिष्कार के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गाँधी ने कहा कि भाजपा का संसद का बहिष्कार करने का फ़ैसला 'रणनीतिक' है ताकि 'आंतरिक विरोध' से ध्यान बटाया जा सके. सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी बचाव किया और कहा कि विपक्ष ने उनके ख़िलाफ़ 'बड़ी ख़राब भाषा' में आरोप लगाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने एनडीए पर प्रधानमंत्री की बहिष्कार की अपील ठुकराने और एक के बाद एक बहाने बनाने का आरोप लगाया. सोनिया गाँधी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं था तो भाजपा ने प्रधानमंत्री की अपील क्यों नहीं स्वीकार की. साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष की अनुपस्थिति का अच्छा पक्ष भी है क्योंकि संसद में विधायी कार्य हो सका. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिछले एक साल के कामकाज की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो वह भी तहलका, गुजरात दंगों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कम कीमत में बिक्री को लेकर उत्तेजित थी. झारखंड चुनाव के बाद से सुर्खियों में रहा है. सोनिया गाँधी ने झारखंड को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकार गठन के दौरान 'विधायकों की ख़रीद-फरोख्त' में लिप्त रही है. उनका कहना था कि अब सच्चाई सामने आ गई है. सोनिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जागरूक रहने के लिए कहा. |
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