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लालू पर इस्तीफ़े के लिए बढ़ता दबाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में लालू यादव के ख़िलाफ़ आरोप तय होने के बाद उनपर पद छोड़ने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है. प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस्तीफ़े की माँग के बाद अब वाम मोर्चे के दो प्रमुख घटकों ने भी ऐसी ही माँग की है. ये दल हैं ऑल इंडिया फ़ॉरवर्ड ब्लॉक और रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी(आरएसपी). बीबीसी से बात करते हुए फ़ॉरवर्ड ब्लॉक नेता और सांसद देबब्रत बिस्वास तथा आरएसपी नेता और सांसद अबनी राय ने खुलकर कहा है कि लालू यादव को नैतिकता के आधार पर मंत्रिपद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. हालाँकि दोनों नेताओं ने कहा कि आपराधिक मामलों में लिप्त होने पर केवल लालू यादव ही नहीं, हर नेता को इस्तीफ़ा देना चाहिए. बीबीसी से बातचीत करते हुए देबब्रत बिस्वास ने कहा,"शीर्ष स्तर के नेताओं को भ्रष्टाचार के ऐसे आरोपों के बाद इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. आरोप साबित ना हों तो फिर मंत्री बन जाएँ." देबब्रत बिस्वास ने साथ ही कहा कि लालू यादव के मंत्री रहने या नहीं रहने का फ़ैसला अब प्रधानमंत्री के हाथ में है क्योंकि ये अधिकार उनका है. वहीं अबनी राय ने कहा,"लालू यादव को लेकर मामला कई दिनों से चल रहा है और उनके सहित कोई भी नेता हो, उसे अपनी छवि बरकरार रखने के लिए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए". अन्य वामपंथी दल दोनों नेताओं ने कहा कि अभी वाम मोर्चे के दो प्रमुख घटकों मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया ने इस बारे में अंतिम निर्णय नहीं लिया है. उन्होंने बताया कि सोमवार को चार वामपंथी दलों की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई लेकिन सीपीआई और सीपीएम ने कहा कि वे इस बारे में विचार करेंगे. देबब्रत बिस्वास ने कहा,"दोनों पार्टियों ने विरोध नहीं किया है लेकिन अभी तक अपना सिद्धांत नहीं बनाया है". दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि अन्य वाम दल भी इस मुद्दे पर एकमत हो जाएँगे. आरोप तय उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को रांची में लालू यादव पर चारा घोटाले के एक मामले में आरोप तय कर दिए. उनके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और 37 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी दुमका कोषागार से फ़र्ज़ी तरीक़े से तीन करोड़ 13 लाख रूपए निकलने के मामले में आरोप तय किए गए. इसके पहले पिछले महीने 25 अप्रैल को भी सीबीआई की एक अन्य अदालत ने लालू यादव, जगन्नाथ मिश्र और 68 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ रुपए ग़ैरक़ानूनी तरीके से निकालने का आरोप निर्धारित किया था. |
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