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न्यूज़वीक ने अंततः रिपोर्ट वापस ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी साप्ताहिक पत्रिका न्यूज़वीक ने अमरीकी सैनिक अड्डे में कुरान के अपमान के बारे में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है. पत्रिका ने कहा है कि अमरीकी सेना इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सकी है. न्यूज़वीक ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित करने के लिए खेद प्रकट किया है. उल्लेखनीय है कि अमरीकी पत्रिका में पिछले सप्ताह प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट जिसमें कहा गया कि अमरीकी सैनिक अड्डे ग्वांतानामो बे में बंदियों से सच उगलवाने के लिए कुरान को शौचालय में डाल दिया गया. इस रिपोर्ट के बाद मुस्लिम जगत में भारी हंगामा हुआ और अफ़ग़ानिस्तान में तो कम-से-कम 15 लोग मारे गए. वहीं पाकिस्तान से लेकर इंडोनेशिया जैसे देशों में हुए प्रदर्शनों में 100 से भी अधिक लोग घायल हो गए. अमरीका सरकार ने कहा है कि उसने अपनी जाँच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं पाया जिससे कि न्यूज़वीक की रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही साबित होते हों. खंडन सोमवार शाम न्यूज़वीक ने अपनी विवादास्पद रिपोर्ट के बारे में एक वाक्य का बयान जारी किया. न्यूज़वीक के संपादक मार्क व्हाइटेकर ने इस बयान में कहा है,"जो जानकारी हमें मिली है उनके आधार पर हम अपनी वास्तविक रिपोर्ट को वापस लेते हैं जिसमें कहा गया था कि ग्वांतानामो बे में कुरान का अपमान किया गया था". न्यूज़वीक ने रविवार को कहा था कि उनकी रिपोर्ट ग़लत हो सकती है क्योंकि ख़बर का मूल सूत्र इस बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कह पा रहा. पत्रिका ने लोगों के मारे जाने पर संवेदना तो प्रकट की थी लेकिन उसने अपनी रिपोर्ट वापस नहीं ली थी जिसपर अमरीका राष्ट्रपति कार्यालय ने चिंता प्रकट की थी. वहीं अमरीका की सेनाओं के प्रमुख जनरल रिचर्ड मायर्स ने कहा है कि न्यूज़वीक की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सही ठहराने वाला कोई प्रमाण नहीं पाया गया है. उन्होंने कहा,"हमने लगभग 25 हज़ार दस्तावेज़ों पर नज़र दौड़ाई है और इस बात का कहीं कोई संकेत नहीं मिला कि ऐसी कोई घटना हुई है". अमरीका के रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इस तरह की रिपोर्टों के प्रकाशन के समय गंभीरता बरते जाने पर ज़ोर दिया और कहा,"लोगों की जान गई जो दुर्भाग्यपूर्ण है. लोगों को कुछ कहते हुए भी उतनी ही सावधानी बरतनी चाहिए जितनी कि वे कुछ काम करते हुए बरतते हैं". इससे पहले न्यूज़वीक की माफ़ी को पाकिस्तान की इस्लामी पार्टियों ने केवल मुसलमानों को शांत करने की असभ्य कोशिश बताया था. पाकिस्तान में छह धार्मिक पार्टियों के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिसे अमल के प्रमुख क़ाज़ी हुसैन अहमद ने न्यूज़वीक की माफ़ी को बेमानी बताया था. |
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