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सोमवार, 16 मई, 2005 को 22:11 GMT तक के समाचार
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'न्यूज़वीक की माफ़ी ठुकराई'
पाकिस्तान में प्रदर्शन
न्यूज़वीक की रिपोर्ट आने के बाद मुस्लिम जगत के कई देशों में हिंसकर प्रदर्शन हुए
पाकिस्तान की इस्लामी पार्टियों ने कुरान के अपमान संबंधी एक ख़बर पर पत्रिका न्यूज़वीक की माफ़ी को केवल मुसलमानों को शांत करने की असभ्य कोशिश बताया है.

पाकिस्तान सरकार ने भी अमरीका से कहा है कि कुरान के अपमान संबंधी इस घटना की जाँच की जाए.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने साथ ही ये आशा जताई है कि अमरीका अपनी जाँच के बारे में पाकिस्तान सरकार को भी अवगत कराएगा.

इस सारे विवाद का केंद्र है अमरीकी पत्रिका में पिछले सप्ताह प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट जिसमें कहा गया कि अमरीकी सैनिक अड्डे ग्वांतानामो बे में बंदियों से सच उगलवाने के लिए कुरान को शौचालय में डाल दिया गया.

 ये साप्ताहिक पत्रिका और अमरीकी सरकार दोनों की तरफ़ से पूरी दुनिया के मुसलमानों के ग़ुस्से को शांत करने का एक असभ्य प्रयास है
क़ाज़ी हुसैन अहमद

इस रिपोर्ट के बाद मुस्लिम जगत में भारी हंगामा हुआ और अफ़ग़ानिस्तान में तो कम-से-कम 15 लोग मारे गए.

वहीं पाकिस्तान से लेकर इंडोनेशिया जैसे देशों में हुए प्रदर्शनों में 100 से भी अधिक लोग घायल हो गए.

इसके बाद रविवार को न्यूज़वीक ने कहा कि उनकी रिपोर्ट ग़लत हो सकती है क्योंकि ख़बर का मूल सूत्र इस बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कह पा रहा.

न्यूज़वीक ने इस असावधानी पर अफ़सोस भी प्रकट किया और हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना भी प्रकट की.

माफ़ी पर प्रतिक्रिया

 न्यूज़वीक ने ये तो कहा है कि उनके तथ्य ग़लत थे लेकिन उसने अपनी रिपोर्ट को वापस नहीं लिया है
स्कॉट मैक्लेलन, व्हाइट हाउस प्रवक्ता

मगर पाकिस्तान में छह धार्मिक पार्टियों के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिसे अमल के प्रमुख क़ाज़ी हुसैन अहमद ने न्यूज़वीक की माफ़ी को बेमानी बताया.

उन्होंने कहा,"ये साप्ताहिक पत्रिका और अमरीकी सरकार दोनों की तरफ़ से पूरी दुनिया के मुसलमानों के ग़ुस्से को शांत करने का एक असभ्य प्रयास है".

उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो बे से रिहा होकर आए बंदियों ने पहले भी कुरान के अपमान की जानकारी दी थी, इसलिए न्यूज़वीक की माफ़ी का कोई मतलब नहीं है.

उन्होंने कहा कि न्यूज़वीक की माफ़ी के बावजूद उनका गठबंधन इस मुद्दे पर विरोध जारी रखेगा.

उधर अमरीका ने न्यूज़वीक की माफ़ी को अपर्याप्त बताया है और कहा है कि इससे स्थिति और उलझ गई है.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लेलन ने कहा,"न्यूज़वीक ने ये तो कहा है कि उनके तथ्य ग़लत थे लेकिन उसने अपनी रिपोर्ट को वापस नहीं लिया है".

अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ग्वांतानामो बे में कुरान के अपमान के बारे में कोई निश्चित प्रमाण नहीं है.

लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कुरान के अपमान के दावे की जाँच की जाएगी.

उधर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के प्रवक्ता ने न्यूज़वीक के माफ़ी माँगने का तो स्वागत किया है लेकिन न्यूज़वीक के रिपोर्टिंग के तरीक़े की निंदा की.

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