| एनडीए पूरे बजट सत्र का बहिष्कार करेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने पूरे बजट सत्र तक संसद के दोनों सदनों का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है. इधर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता सत्र के भत्ते ले रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में एनडीए नेताओं की बैठक हुई जिसमें 13 मई तक पूरे बजट सत्र के बहिष्कार करने का फ़ैसला किया गया. इसके पहले लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने एनडीए नेताओं से बहिष्कार समाप्त करने की अपील की थी. लेकिन एनडीए नेता कांग्रेसी नेता अंबिका सोनी की टिप्पणी से नाराज़ थे जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विपक्ष से बहिष्कार वापस करने की अपील कर सकते हैं यदि विपक्ष अपनी गलती मान ले. इधर कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर बहिष्कार के बावजूद सत्र के भत्ते लेने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में कहा कि भाजपा के दारा सिंह ने सदन के रजिस्टर में दस्तखत कर रखे हैं. कांग्रेस नेता अंबिका सोनी और अन्य कांग्रेसी नेताओं का आरोप था कि अन्य भाजपा नेता बहिष्कार के बावजूद भत्ते ले रहे हैं. विरोध एनडीए रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के इस्तीफ़े की मांग को लेकर संसद का बहिष्कार कर रहा है. चारा घोटाले में लालू यादव के ख़िलाफ़ हाल में दूसरा आरोपपत्र दाखिल किया गया है. इधर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लालू प्रसाद यादव को रेलमंत्री के पद ने नहीं हटाया जाएगा. दाग़ी मंत्रियों को हटाने के मसले पर लगातार विरोध कर रहे एनडीए ने 25 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल होने के बाद संसद में ज़ोरदार हंगामा भी किया था और दो दिनों तक संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी. इसके बाद 27 अप्रैल को एनडीए ने तीन दिनों के लिए संसद के बहिष्कार का निर्णय लिया था. विपक्ष का आरोप है कि सरकार विपक्ष की अनदेखी कर रही है. |
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