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तिब्बती युवक ने गुस्सा ज़ाहिर किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की बंगलौर यात्रा के दौरान सुरक्षा भेदकर तिब्बत की स्वतंत्रता के एक पक्षधर ने भारतीय विज्ञान अनुसंधान की इमारत पर चढ़कर तिब्बत का झंडा फहराया और स्वतंत्र तिब्बत की माँग के समर्थन में एक बैनर लगाया. जिस व्यक्ति ने ऐसा किया वे थे 'फ्रैंड्स ऑफ़ तिब्बत' नाम के गुट के महासचिव तेंज़िन त्सुंड्यु. उनका कहना था कि वे 'तिब्बत पर चीन के कब्ज़े' का विरोध कर रहे थे. जिस समय प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ अपनी बंगलौर यात्रा पूरी करने के बाद जा ही रहे थे तब तेंज़िन त्सुंड्यु ने उनके वाहनों के काफ़िले पर पर्चे फेंके जिसमें चीन पर 1949 में तिब्बत पर कब्ज़ा करने और वहाँ मानवाधिकारों का हनन करने के आरोप लगाए गए थे. राज्य की पुलिस इस हरकत पर आश्चर्यचकित रह गई और बीस मिनट तक तेंज़िन त्सुंड्यु को इमारत से नीचे नहीं ला पाई. उन्हें हिरासत में रखा गया है. चीन के प्रधानमंत्री के साथ आए अधिकारी इस घटना से काफ़ी नाराज़ दिखे. प्रधानमंत्री जियाबाओ रविवार शाम को दिल्ली पहुँच रहे हैं. बंगलौर में उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों का दौरा किया है. |
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