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चीन का प्रभाव ज़्यादा सकारात्मक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के एक सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया पर अमरीका और रुस के मुक़ाबले चीन का प्रभाव ज़्यादा सकारात्मक है. 22 देशों में किए गए सर्वेक्षण में 48 प्रतिशत लोगों ने कहा कि चीन की भूमिका मुख्यरुप से सकारात्मक है जबकि सिर्फ़ 30 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उसकी भूमिका नकारात्मक है. कम्युनिस्ट देश चीन के आर्थिक विकास को लेकर भी ज़्यादा लोग सकारात्मक थे. लेकिन चीन की सैन्य शक्ति को बढ़ता हुआ कम ही लोग देखना चाहते हैं. चीन के पड़ोसी एशियाई देशों में जहाँ आमतौर पर चीन की भूमिका को लेकर शंका का माहौल रहा है अब लोग उसके पक्ष में दिखाई देते हैं. सिर्फ़ जापान इस मामले में अपवाद था जहाँ सिर्फ़ 22 फ़ीसदी लोग चीन की भूमिका से प्रभावित दिखाई देते हैं. सर्वेक्षण बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के इस सर्वेक्षण में 22,935 लोगों ने भाग लिया.
यह सर्वेक्षण ग्लोबस्कैन और मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम ऑन इंटरनेशनल पॉलिसी एटिट्यूड्स (पीपा) ने मिलकर किया है. पीपा के निदेशक स्टीवन कल कहते हैं, "जिस तरह से चीन के एशियाई पड़ोसी उसके पक्ष में हैं वह अपने आपमें महत्वपूर्ण है." जिन 22 देशों में सर्वेक्षण किया गया है उनमें से 17 देशों ने चीन के पक्ष में अपना मत दिया है. इस सर्वेक्षण में जब लोगों से पूछा गया कि वे चीन की भूमिका या प्रभाव को अमरीका और रुस से तुलना करके देखें तो ज़्यादा लोगों ने चीन का पक्ष लिया. केवल 38 प्रतिशत लोगों ने अमरीका का पक्ष लिया तो रुस के पक्ष में 36 फ़ीसदी ने लिया. जबकि 48 प्रतिशत लोगों ने चीन का पक्ष लिया जो ग्रेट ब्रिटेन के 50 फ़ीसदी के क़रीब ही था. आर्थिक ताक़त आर्थिक शक्ति के रुप में भी चीन को लोगों ने बहुत सकारात्मक रुप से देखा.
यहाँ तक कि मैक्सिको में भी 54 प्रतिशत लोग चीन के आर्थिक विकास से प्रभावित हैं जहाँ उद्योगपतियों और व्यवसायियों को चीन से सीधे प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि सिर्फ़ 24 प्रतिशत लोग ही चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति से प्रभावित दिखे और 59 प्रतिशत इसके ख़िलाफ़ थे. बीबीसी के बेजिंग संवाददाता टोनी चेंग का कहना है कि चीन अपने झरोखे खोल रहा है और इंटरनेट जैसे व्यापक प्रभाव वाले मीडिया का खुलकर प्रयोग किया जा रहा है. चीनी नागरिकों को यह यक़ीन हो गया है कि आर्थिक विकास का महत्व तक तक नहीं है जब तक बाक़ी दुनिया से उनका कोई सीधा संपर्क न हो. |
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