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चीन ने पछाड़ दिया अमरीका को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक सर्वेक्षण से पता चला है कि दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति माने जाने वाले अमरीका को चीन ने पीछे छोड़ दिया है. इस सर्वेक्षण के अनुसार चीन ने पाँच प्रमुख खाद्य, ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादों के खपत के मामले में अमरीका से आगे निकल गया है. यानी चीन अब अमरीका से ज़्यादा बड़ा उपभोक्ता देश है. सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले चीन को विकासशील देश की जगह 'उदयीमान आर्थिक महाशक्ति' कहा है. अधिकृत सूची के अनुसार चीन इस समय दुनिया की आर्थिक शक्तियों में छठें स्थान पर है. विकास दर सर्वाधिक यह सर्वेक्षण वॉशिंगटन की अर्थ पॉलिसी इंस्टिट्यूट ने किया है. इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि अब चीन अनाज, कोयला, स्टील और मांस की खपत के मामले में दुनिया भर में पहले नंबर पर आ गया है.
सिर्फ़ तेल ऐसा उत्पाद है जिसकी खपत अभी भी अमरीका में ज़्यादा है. चीन टेलीविज़न सेंटों, रेफ़्रीजरेटरों और मोबाइल फ़ोनों की खपत के मामले में भी अमरीका से आगे निकल गया है. एक अरब तीस करोड़ की आबादी वाला चीन में मांस की खपत बर्गर खाने वालों के देश अमरीका की तुलना में दोगुना ज़्यादा है. माना जा रहा है कि उपभोक्ता अर्थव्यवस्था के चैंपियन अमरीका को जिस तरह से चीन ने पछाड़ा है वह अपने आपमें महत्वपूर्ण है. उधर यह संकेत भी मिल रहे हैं कि चीन का आर्थिक विकास भी उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से हो रहा है. चीन की सरकार का कहना है वह वर्ष 2004 के लिए 9.5 प्रतिशत आर्थिक विकास की उम्मीद कर रहा है. यह पिछले आठ साल में सबसे अधिक होगा. |
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