|
मोदी वीज़ा मामले में पार्टियाँ एकजुट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजनयिक वीज़ा न दिए जाने पर प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अमरीका के फैसले पर आपत्ति जताई है. कांग्रेस का कहना है कि भले ही नरेन्द्र मोदी से उनका राजनीतिक विरोध रहा हो पर इस मामले में अमरीका का फैसला मान्य नहीं है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा “मैं इसे राजनीति से बिलकुल अलग कर रहा हूँ. नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार उसके बारे में हमारा जो विरोध है वह अलग बात है, पर जहाँ तक जाने की बात है, वह व्यक्ति एक संवैधानिक पद पर है और राज्य का मुख्यमंत्री है तो इसमें दूसरा विषय आता है.” जहाँ कांग्रेस ने अमरीका के फैसले पर विरोध जताया वहीं भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि मोदी को वीज़ा न दिया जाना भारत सरकार के संप्रभु अधिकारों को न मानना है. यशवंत सिन्हा ने कहा “भारतीय जनता पार्टी अमरीकी प्रशासन के इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है. ये निर्णय पूरी तरह आवांछनीय है. अमरीका के घरेलू कानून के आधार पर भारत के राजनेता को वीज़ा न देने का फैसला हमें स्वीकार नहीं है. उनके अधिकार हैं तो हमारे पास भी अधिकार हैं.” उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार के फैसला का स्वागत करते हैं. ऐसा देखने में बहुत कम ही आता है जब एक मुद्दे पर सभी दलों की राय एक हो. ऐसा कम से कम इस मुद्दे में सामने आया है जब वामदल सहित भाजपा और कांग्रेस ने अमरीका के फैसले पर आपत्ति जताई है. दूसरी ओर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने यह तो कहा कि अमरीका को मोदी को वीज़ा दिया जाना चाहिए पर तर्क अलग है. एबी बर्धन ने कहा “मोदी को वीज़ा देना चाहिए. इंकार करना ठीक नहीं है, ताकि वहाँ के भारतीय नागरिक उनका असली चेहरा देख सकें” ऐसा देखने में बहुत कम ही आता है जब एक मुद्दे पर सभी दलों की राय एक हो. ऐसा कम से कम इस मुद्दे में सामने आया है जब वामदल सहित भाजपा और कांग्रेस ने अमरीका के फैसले पर आपत्ति जताई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||